संभल के आर्य समाज रोड पर चौकसी में तैनात पुलिस।
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संभल। नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ संभल में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुए। इसी दौरान रोडवेज की बसें तोड़ी गईं। एक बस को आग के हवाले किया गया। पुलिस पर पथराव और फायरिंग हुई। इसमें सैकड़ों की भीड़ शामिल थी। जब यह बवाल चल रहा था तब वहां कई पुलिसकर्मी अपनी जान बचाने को पीछे हट रहे थे वहीं तमाम पुलिसकर्मी बवाल कर रहे उपद्रवी तत्वों के सामने मोर्चा संभाले थे।
वहीं पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भीड़ में शामिल युवाओं और किशोरों को बार-बार घर जाने का मौका दे रहे थे। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी फोटो और वीडियो रिकार्डिंग के लिए अपने सरकारी कैमरे और निजी मोबाइल चला रहे थे। मोबाइल फोन और सरकारी कैमरों की रिकार्डिंग अब खंगाली जा रही है।
संभल जिले के पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि फोटो और वीडियो देखने के बाद पुलिस की टीमों ने अब तक 50 ऐसे उपद्रवी व्यक्ति पहचान लिए हैं जो बवाल के दौरान पथराव कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पुलिस के पास अभी 100-150 चेहरे और हैं जिन्हें अभी पहचाना जाना है। पहचान होने के बाद ही अगली कार्रवाई होगी। जिन लोगों ने पथराव किया है या सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाई है उन सभी को पुलिस गिरफ्तार करेगी। इसी प्रक्रिया में पहचाने गए व्यक्तियों की तलाश की जा रही है। वहीं जिन चेहरों की पहचान नहीं हुई है अब उनकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किए गए हैं।