संभल। घर के बाहर बैठे ग्रामीण ने सिपाही पर घर में घुसकर पीटने का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस ने लॉकडाउन के उल्लंघन की धाराओं में ग्राम प्रधान समेत आठ नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
गुरुवार की रात करीब नौ बजे गांव रीठ निवासी हरिओम दिवाकर पुत्र श्यामलाल अपने मकान के गेट पर बैठा था। आरोप है कि रात्रि में गश्त के दौरान हल्का पुलिसकर्मियों ने गेट पर बैठे होने पर लॉकडाउन के उल्लंघन की बात कहते हुए डंडे से पिटाई शुरू कर दी। पुलिस कर्मी उसे पीटते हुए उसके घर में घुस गए। परिजनों ने सिपाहियों से घर में घुसकर पीटने का कारण पूछा तो लॉकडाउन उल्लंघन की बात कहते हुए अभद्रता की। शोर शराबा होने पर ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों का विरोध किया तो पुलिस कर्मी लौट गए। इसके बाद सिपाही थाने से फोर्स लेकर फिर गांव लौटे। पीड़ित ने बताया कि इसकी सूचना ग्राम प्रधान को दी गई। ग्राम प्रधान महेंद्र पाल मौर्य ने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया तो उनके साथ भी अभद्रता की गई। आरोप है कि ग्राम प्रधान और उनके बेटे को पुलिस ने गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया। इस पर ग्रामीण भड़क गए। वहीं, पुलिस ने लॉकडाउन उल्लंघन में हरिओम , राकेश, कल्लू , महेंद्र, राजवीर व अशोक, मिठ्ठू, राजेश को नामजद करते हुए 15-20 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
गुरुवार की रात 9 बजे रीठ में हरिओम दिवाकर के घर के बाहर आठ-दस लोग बिना मास्क लगाए बैठे थे। गश्त के दौरान हल्का सिपाहियों ने उन्हें कोविड-19 गाइडलाइन के बारे में बताया तो वह लोग पुलिस से बहस करने लगे। पुलिस पर लगे आरोप निराधार हैं। ग्रामीणों द्वारा लॉक डाउन का उल्लंघन करने पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
वरुण कुमार, थाना प्रभारी , कुढ़फतेहगढ़