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अब बिना झंडे की गाड़ियों दिल्ली के लिए रवाना होंगे किसान संगठनों के कार्यकर्ता

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संभल। पुलिस की घेराबंदी से बचने के लिए किसान संगठनों अपनी रणनीति में बदलाव किया है। किसान संगठनों के कार्यकर्ता अब बिना झंडा की गाड़ियों से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। रास्ते में टोपी भी नहीं लगाएंगे क्योंकि इससे पहचान हो जाएगी और उन्हें रोका जा सकता है। वैसे भी संभल जिले में दिल्ली जाने वाले सभी सात रास्तों पर पुलिस अधीक्षक ने 24 घंटे चेकिंग के लिए पुलिस बल तैनात किया है।
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पुलिस प्रशासन ने किसान संगठनों नेदिल्ली कूच को लेकर यह चेकिंग की है लेकिन जब एसपी से पूछा गया तो उनका कहना था कि कोरोना के खतरे की वजह से किसानों को भीड़ में न जाने की सलाह दी जा रही है। अगर कोई अराजक तत्व किसान संगठनों के साथ जाने का प्रयास किया करता है तो पुलिस उसे रोक कर कार्रवाई करेगी।
इन स्थानों पर है पुलिस की चेकिंग
संभल जिले में संभल-दिल्ली मार्ग पर गवां के टी- प्वाइंट पर चेकिंग की जा रही है। गुन्नौर क्षेत्र में नरौरा के पुल पर और बबराला के इंदिरा चौक पर सभी वाहन चेक किए जा रहे हैं। जुनावई, मनोटा पुल, बनियाठेर के अकरौली में और नखासा क्षेत्र में हसनपुर रोड पर चेक पोस्ट बनाकर चेकिंग जा रही है।
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भाकियू नेता दिल्ली में हैं तो घरों में पुलिस क्यों है तैनात
संभल। भाकियू टिकैत के प्रदेश के प्रमुख महासचिव बिजेंद्र सिंह ने बताया कि वह तो दिल्ली में हैं लेकिन पुलिस पता नहीं क्यों उनके घर तैनात है। चंदौसी स्थित उनके घर में हर रोज कोतवाली चंदौसी की पुलिस निगरानी कर रही है। इसी तरह से भागनगर में मुकेश यादव और कैथल के कुवंरपाल के यहां पुलिस बार बार जा रही है। बिजेंद्र सिंह यादव का कहना है कि पुलिस के बार बार आने जाने से इससे परिवार वालों के फोन आते रहते हैं, उन्हें समझाना पड़ा है।
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