चंदौसी। गांव आटा के पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को त्रिशूल व डमरू के आकार की मानव शृंखला बनाकर भगवान शिव के प्रति आस्था व्यक्त की। इसके बाद छात्राओं ने संयुक्त रूप से भगवान शिव की स्तुति का गुणगान किया। प्रधानाचार्या चयनिका वार्ष्णेय ने बताया कि भगवान शिव की दयालुता और सरलता के लिए उन्हें भोलेनाथ कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों की सच्ची भक्ति से बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। त्रिशूल और डमरू भगवान शिव के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं, जो विभिन्न धार्मिक और दार्शनिक अर्थ रखते हैं। त्रिशूल शक्ति, संतुलन और आध्यात्मिक परिवर्तन का प्रतीक है, जबकि डमरू सृजन और लय का प्रतिनिधित्व करता है। इस मौके पर अनुज कुमार, अरविंद कुमार, ज्योति, रेणु, रूप रस्तोगी, विनोद कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद