संभल। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल श्रम के खिलाफ जनजागरूकता गोष्ठी और कार्यशाला का आयोजन पालिका सभागार में किया गया। कार्यक्रम में बाल श्रम के खिलाफ व्यापक जागरूकता और प्रचार-प्रसार करते हुए शासन द्वारा निर्धारित बाल श्रम उन्मूलन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए संकल्प लिया गया।
बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार की अध्यक्षता में कार्यक्रम हुआ। इसमें आईआईए के अध्यक्ष कमल कौशल वार्ष्णेय ने बाल श्रम उन्मूलन में सहयोग देने को कहा। समाज कल्याण अधिकारी तनेज कुमार ने बालकों और समाज कल्याण के हितलाभ संबंधी विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) के अध्यक्ष गौरव गुप्ता ने बाल श्रम उन्मूलन के बारे में जानकारी दी और प्रवर्तन की कार्रवाई के अनुसार बालकों के पुनर्वासन के लिए विशेष बल देने को कहा। मुख्य अतिथि सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने कहा कि यदि हम स्वयं अपने आप से संकल्प लें कि हम स्वयं जिम्मेदार नागरिक की तरह इस जनजागरूकता की पहल करके उन्मूलन करने के लिए दृढ संकल्पित हैं, तो शासन के लक्ष्य अनुसार बाल श्रम उन्मूलन को पूरी तरह पालन सुनिश्चित कर लिया जाएगा।
सहायक श्रमायुक्त सुरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि बाल श्रम कानूनी अपराध से अधिक एक सामाजिक अभिशाप है, जिसे करने वाले के मन में यह जागरूकता बने कि अपने आस-पास यदि बाल श्रम होता दिखता है, तो उसे हतोत्साहित करना उसका प्राथमिक कर्तव्य है। सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी ने बाल श्रम उन्मूलन के विषय में समाज के विशेष योगदान पर विचार रखे। श्रम प्रवर्तन अधिकारी विनोद कुमार शर्मा ने विभाग की विभिन्न योजनाओं में चिह्नित किए बाल श्रमिकों को लाभान्वित करने के बारे में बताया।
इस दौरान ललित कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, तपन कुमार, शाहजेब अख्तर, यशदीप सौराना, विशेष कुमार, हर्ष कुमार, हैदर अली आदि रहे।