संभल। सिरसी के चारागाह की करीब 150 बीघा जमीन को ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। जमीन पर दुनिया के खूबसूरत पौधों को लगाया जाएगा। जमीन के बीच में बने तालाब को नाव चलाने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। यह एक ऐसा दर्शनीय स्थल बनाया जाएगा जहां पर संभल, मुरादाबाद समेत अन्य जिलों के लोग वक्त गुजारने आएं। इसकी रुपरेखा तय करने के लिए सोत नदी पुनर्जीवन एवं विकास समिति के पदाधिकारियों के संग प्रशासन ने शनिवार को शाम बैठक की। यह बैठक सिरसी स्थित चरागाह स्थल पर हुई।
दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक चली इस बैठक में उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव ने प्रशासन की ओर से आश्वस्त किया कि जनता की जरूरत को ध्यान में रखते हुए एक अच्छा स्थल विकसित कराए जाने में कोई बाधा नहीं पड़ने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस स्थल पर खनन माफिया निगाह लगाए रहते थे लेकिन जिस दिन से प्रशासन की नजर गई है माफिया भाग गए हैं। अब जमीन में पौधे लगाए जा रहे हैं। पांच वर्ष के अंदर पौधे बड़े हो जाएंगे। स्थल का विकास इस तरह से होगा कि दूर-दूर के लोग आएं और अपना समय गुजार कर अच्छी यादें लेकर जाएं।
उन्होंने बताया कि जो भी योजनाएं यहां लागू की जानी हैं उनमें इस स्थल को हराभरा बनाने और पक्षी विहार के साथ नौका विहार के लिए भी तैयार किया जाना है। उसके लिए दिसंबर 2019 तक अधिकतर काम दिखने लगेंगे। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत सिरसी की बैठक में इसके लिए आवश्यक प्रस्ताव पारित होंगे। इसके साथ ही इस स्थान पर लाइटिंग और गेट के काम भी नगर पंचायत कराएगी।
पौधे लगाने में सोत नदी पुनर्जीवन एवं विकास समिति योगदान करेगी। बैठक में समिति के अध्यक्ष वैद्य सत्यप्रकाश रस्तोगी, प्रमुख चिकित्सक और पर्यावरण के प्रति समर्पित डा. यूसी सक्सेना, सिरसी नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष चौधरी वसीम खां, डा. नाजिम, डा. शहजाद, शफीकुर्रहमान बरकाती, मुअज्जम खां, मोहसिन अली ने विचार व्यक्त किए। संचालन मुशीर खां तरीन कर रहे थे।