डीजल और पेट्रोल के दामों में लगातार मूल्य वृद्घि के विरोध में कांग्रेसियों ने एसडीएम कार्यालय पर गुरुवार को धरना देकर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जिसमें पेट्रोल और डीजल को अन्य वस्तुओं की तरह जीएसटी में शामिल करने की मांग की गई है।
शहर कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष तौकीर अहमद के नेतृत्व में कांग्रेसी एसडीएम कार्यालय पर एकत्र हुए। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बेहताशा वृद्घि के विरोध में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन कर सरकार पर किसानों की कमर तोड़ने देने का आरोप लगाया।
वक्ताओं ने कहा कि देश डीजल और पेट्रोल में मूल्य वृद्घि की मार झेल रहा है। चुनाव के समय बहुत हुई पेट्रोल डीजल पर महंगाई की मार-अबकी बार मोदी सरकार का नारा और पेट्रोल-डीजल के दाम आधे करने की बात पर देश की जनता ने सत्ता सौंपी। लेकिन अब मोदी सरकार की कथनी और करनी जनता के सामने है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य ऊंचाई पर हैं। शिवकिशोर गौतम, विजय शर्मा, हाजी अथर, हाजी अशरफ अंसारी, शोभना सेमुअल, वरीद वारसी, अमित कुमार उठवाल, अकील मिस्त्री, जुल्फेेकार, आरिफ तनवीर, अंसार, गंगासरन शर्मा, इफ्तेखार कुरैशी, मौलाना सुहेल, तौसीफ, तफसीर, शानू खान आदि मौजूद रहे।
चंदौसी में गुुरुवार को काफी संख्या में कांग्रेसी जिलाध्यक्ष विमलेश कुमार के नेतृत्व में बैलगाड़ी से तहसील पहुंचे। सभी ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसके बाद उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया गया है कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद से लगातार लोकतंत्र की जड़ो पर कुठाराघात किया जा रहा है। चुनाव के समय भाजपा ने जनता से काफी वायदे किए थे, लेकिन आज तक कोई वायदा पूरा नहीं हो पाया।
सरकार बनने के बाद से लगातार पेट्रोल डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि की जा ररही है। कांग्रेस सरकार केवल दो रुपये प्रति लीटर टैक्स वसूलती थी। आज भाजपा सरकार 36.60 रुपये टैक्स वसूल रही है। ज्ञापन में केंद्र सरकार से बढ़े हुए मूल्य वापस लिए जाने की मांग की है। विरोध प्रदर्शन व ज्ञापन सौंपने वालों में विमलेश कुमारी, बसीम, नौमान अली, यूनुस अली, रोहिताश यादव, रहीस मलिक, दीन मुहम्मद, खुशी मुहम्मद, मलिक रजा आदि कांग्रेसी शामिल रहे।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की बैठक में वक्ताओं ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत पर रोष जताया। केंद्र सरकार से पेट्रोल व डीजल को जीएसटी में लाने की मांग की। गुरुवार को आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत आसमान छू रही है। इससे आम जनता त्रस्त है। केंद्र की सरकार को पेट्रोल व डीजल को जीएसटी में लाना चाहिए। इससे इनकी कीमत मे गिरावट आएगी।
वक्ताओं ने कहा कि जीएसटी की अधिकतम दर 18 प्रतिशत की जाए तथा प्रदेश से ई-वे बिल की व्यवस्था समाप्त की जाए। साथ ही मंडी शुल्क भी समाप्त किया जाए। अध्यक्षता प्रेम ग्रोवर ने तथा संचालन अनुज वार्ष्णेय ने किया। बैठक में शाह आलम मंसूरी, आशुतोष मिश्रा, प्रभात कृष्णा, राजू चड्डा, सुशील छोटू, सुभाष पाल, विपिन मल्होत्रा व रिंकू अग्रवाल आदि मौजूद रहे।