औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
- फोटो : Demo Pic
प्रदेश सरकार ने भले ही पशुओं की तस्करी व गोवध पर रोक लगा रखी हो लेकिन पुलिस की सांठगांठ से गोवंशीय पशुओं की तस्करी का खेल जिले में खूब चल रहा है। इसके लिए पुलिस दूसरे थानों की पुलिस के लिए पशु ले जोन वालों को बाकायदा पर्चे लिखकर दे रही है, ताकि उसे आगे की पुलिस न पकड़े।
कुढ़ फतेहगढ़ थाना पुलिस ने एक ग्रामीण को दो बैलों के साथ पकड़ा है। तो बैल ले जा रहे व्यक्ति ने तत्काल जिले की ही एक कोतवाली की मोहर लिखा कागज दिखा दिया। जिसमें लिखा था कि यह खेती के लिए दो बैल ले जा रहे हैं। जूनावई की बाजार रहे हैं। जिसका मतलब था कि इन्हें रोका न जाए।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। बैल ले जा रहा ग्रामीण दियौराखास निवासी अनेकपाल सिंह था, जो शनिवार की शाम ग्राम रतनपुर के पास पिकअप वाहन में दो बैलो को मारपीट कर भर रहा था। जिसकी सूचना किसी ग्रामीण ने पुलिस को दे दी।
पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीण को पिकअप वाहन के साथ थाने ले आई। हालांकि कोतवाली पुलिस ने पर्चे पर किसी अन्य का नाम बैल ले जाने वाले के रूप में लिखा था। पुलिस ने अनेकपाल के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस को शक है कि फर्जी मोहर बनवाकर पर्ची लिख ली गई होगी।