संभल। सुबह के समय धीरे-धीरे भीड़ बढ़ी तो माहौल तनावपूर्ण होने लगा। कुछ देर बाद पथराव की आवाज आने लगी। पथराव के बाद फायरिंग भी शुरू हो गई, जिसके बाद सभी लोग घरों में कैद हो गए। यह कहना है जामा मस्जिद के आसपास के मकान स्वामियों और दुकानदारों का।
जामा मस्जिद के आसपास हिंदू और मुस्लिम मिश्रित आबादी है। बवाल के गवाह कुछ लोगों ने बताया कि पुलिस तो सुबह साढ़े छह बजे से ही एकत्र होने लगी थी। भीड़ करीब आठ बजे बढ़ी। इसके बाद ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। जब बवाल हुआ तो हम घर में छिप गए। पथराव और फायरिंग की आवाज 10 बजे तक सुनाई देती रही। इसी तरह एक दुकानदार ने बताया कि दुकान खोली ही थी कि नौजवानों की भीड़ आनी शुरू हो गई थी। उनका आक्रोश देखकर दुकान बंद कर चले गए थे।