बारिश के पानी से श्मशान भूमि परिसर में जलभराव हो गया। इससे मृतकों का अंतिम संस्कार करने श्मशान भूमि परिसर में आए लोग जलभराव से होकर अर्थी लेकर गुजरने को मजबूर हुए।
सोमवार को दिन में नगर के एक मोहल्ले से एक युवक के शव का अंतिम संस्कार करने को परिजन व मोहल्ले वाले पहुंचे, तो देखा कि शमशान भूमि परिसर में बारिश के पानी की निकासी न होने से जल-भराव हो गया है। इसके चलते परिवार वालों को जलभराव से गुजरकर अंतिम संस्कार स्थल तक जाना पड़ा। इससे परिजनों समेत अन्य लोगों को खासी मुश्किल रही। इसके अलावा कोतवाली क्षेत्र के गांव आलपुर-मैथरा से भी लोग एक महिला के शव का अंतिम संस्कार करने शमशान भूमि परिसर पहुंचे। इस बीच इन लोगों को भी शमशान भूमि परिसर में जल-भराव होने से दिक्कत झेलनी पड़ी।
हिंदू जागरण मंच युवा वाहिनी के प्रांत संयोजक कपिल दीवाना समेत अन्य लोगों का कहना था कि कम से कम नगर पालिका परिषद गंभीरता दिखाते हुए शमशान भूमि परिसर से तो बारिश आदि के पानी की निकासी के लिए इंतजाम कराए, जिससे कि लोगों को बारिश के दिनों में मुश्किल न होने पाए। दूसरी ओर खास बात यह है कि बीते वर्षों में भी तत्कालीन डीएम की ओर से नगर पालिका प्रशासन को शमशान भूमि परिसर से बारिश आदि के पानी की निकासी के लिए बेहतर इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके पालिका प्रशासन की उदासीनता लोगों पर भारी पड़ रही है।
पहले काली मंदिर रोड की ओर से बारिश का पानी शमशान भूमि की ओर आ जाता था। इसके लिए पालिका ने पहले ही इंतजाम कर दिया था। अब बारिश भी अधिक हुई है और शमशान के बराबर एक स्कूल की दीवार टूटने से मैदान का पानी शमशान भूमि की ओर आ गया। इसके कारण शमशान भूमि में पानी भर गया। दूसरी ओर शमशान भूमि की सड़क को ऊंचा करा दिया जाएगा और पानी की बेहतर निकासी के लिए पालिका प्रयासरत है। जल्द ही इस पर पालिका काम रहेगी। -रमेश चंद्र बादशाह, पालिकाध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, बहजोई।