चंदौसी (संभल)। गर्मी में बढ़ते तापमान के बीच अघोषित बिजली कटौती ने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की नींद उड़ा दी है। उसमें भी ट्रिपिंग और लो वोल्टेज का खेल बरकरार है। ग्रामीण क्षेत्र में 9 से 10 घंटे ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है। जबकि विभाग शेड्यूल के हिसाब से निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने का दावा कर रहा है।
जिले की विद्युत व्यवस्था को तीन डिवीजन में बांटा गया है। तीनों डिवीजन में 52 उपकेंद्रों से शहर और ग्रामीण अंचलों के करीब डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई दी जाती है। तापमान बढ़ने पर बिजली विभाग की अघोषित कटौती से मुसीबत बढ़ने लगी। ग्रामीण अंचलाें में रोस्टिंग के नाम पर बिजली कटौती हो रही है। इसके अलावा लो वोल्टेज और ट्रिपिंग का खेल भी लगातार जारी रहता है। रात के समय तो बिजली थोड़ी बहुत सही मिल रही है, लेकिन दिन में जैसे जैसे तापमान बढ़ता जाता है। बिजली रुलाने लगती है। कभी कभी तो दिन और रात में औसतन तीन से चार घंटे ही सप्लाई मिल पाती है। जुनावई उपकेंद्र से जुड़े गांव गढ़ी बिचौला में शनिवार को दोपहर दो बजे तक बिजली नहीं आई। दिनभर में चार से पांच घंटे की कटौती हो रही है। जितने समय सप्लाई सुचारू रहती है, उस बीच ट्रिपिंग बनी रहती है। एक बार की ट्रिपिंग आधे से पौन घंटे का समय लेती है। जुनावई कस्बे की बात करें तो दिन में सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक बिजली सप्लाई का शेड्यूल है। औसतन चार घंटे ही लाइट मिल पा रही है। गुन्नौर के जुनावई फीडर के गोठना और गढि़या गांव में सुबह सात बजे से 11 बजे और दोपहर साढ़े तीन से शाम सात बजे तक बिजली मिलती है। इस बीच करीब दो दो घंटे के लिए बिजली गुल रहती है। रात के समय में भी यही स्थिति रहती है। धनारी क्षेत्र में छह से सात घंटे की कटौती हो रही है। बनियाखेड़ा में ट्रिपिंग ज्यादा है। दिन में सुबह नौ से 11 बजे तक बिजली मिल रही है। रात में भी अघोषित कटौती रहती है। लोगों का कहना है कि लाइट के आने जाने का कोई समय नहीं है। रात के समय भी ट्रिपिंग बनी रहती है।