संभल/चंदौसी। बाजार और निजी अस्पताल की फार्मेसी में मिलने वाली दवाओं के दाम में भारी अंतर लोगों को बीमार कर रहा है। मरीज तो अपनी बीमारी से लाचार है लेकिन तीमारदार निजी अस्पतालों की मनमानी से। बीस रुपये में मिलने वाला कैनुला 234 रुपये में दिया जा रहा है, वहीं 200 रुपये में आने वाले एंटीबायोटिक इंजेक्शन के 882 रुपये वसूले जा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को दवाओं के रेट में कदम-कदम पर मिलने वाले अंतर की हकीकत की पड़ताल की गई तो सामने आया कि निजी अस्पताल की फार्मेसियां महंगे दाम पर दवाएं बेच रही हैं, वहीं बाजार में इनके दाम कम हैं। बीस से तीस प्रतिशत तक की छूट मिल रही है।
टैबलेट, इंजेक्शन, सर्जिकल सामग्री, सिरप और दूसरी जीवन रक्षक दवाओं के रेट में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। सिरसी निवासी आसिम ने बताया कि वह बृहस्पतिवार को संभल के निजी अस्पताल अपने पिता की दवाई लेने के लिए गए थे।
अस्थाकाइंड सिरप 120 रुपये की एमआरपी पर दिया गया है, जबकि बाहर के मेडिकल पर यही सिरप 80 रुपये का मिल रहा है। मोंटिकोप टैबलेट की स्ट्रिप 170 रुपये की मिली है। एमआरपी 198 रुपये है। बाहर मेडिकल पर 39 रुपये की दी गई है।