भीषण ठंड में बचाव के लिए राहत कि किरण के लिए राहगीर और जरूरतमंद तरस रहे हैं। जिम्मेदार राहत के नाम पर औपचारिकताएं पूरी करते नजर आ रहे हैं। ठंड से ठिठुरी जिंदगी को राहत के पर्याप्त इंतजाम की अभी दरकार है।
शनिवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। शीतलहर ने भीषण ठंड के साथ गलन और ठिठुरन से हालात बदतर कर दिए। ठंड से बचाव के लिए लोग हर संभव प्रयास करते नजर आए। शहरवासी घरों में कैद हो गए। कमरों में रूम हीटर चलते रहे। सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना यात्रियों, राहगीरों, मजदूरों और रिक्शा चालकों ने किया। शीतलहर में रेलवे स्टेशन पर ठिठुरन के बीच महिलाओं और बच्चों ने गर्म कपड़ों के सहारे राहत की असफल कोशिश की।
चाय की दुकानों पर चाय की चुस्की और भट्ठी के सहारे खड़े होकर लोगों ने ठंड पर काबू पाने की नाकाम कोशिश की। रोडवेज बस स्टैंड पर भी यात्रियों की हालत बेहद चिंताजनक दिखी। भीषण ठंड में भी यात्रियों के लिए पर्याप्त इंतजाम तो छोड़िए फौरी तौर पर भी कोई सुविधा नजर नहीं आई।