एसडीएम विनय कुमार मिश्र को दबोई खुर्द में सिंथेटिक दूध से पनीर बनता मिला। दूध में भी मिलावट होती पाई गई। एसडीएम ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर सैंपल भरवाए। एसडीएम ने बताया कि जांच के बाद रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
त्योहार का सीजन शुरू होते ही मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। बुधवार को एसडीएम विनय कुमार मिश्र को सूचना मिली कि मनोटा-सैदनगली मार्ग पर दबोई खुर्द गांव में संचालित एक पनीर फैक्टरी में मिलावटी दूध से पनीर बनाया जा रहा है। मौके पर एसडीएम पहुंचे तो सिंथेटिक दूध से पनीर बनता मिला। एसडीएम ने मौके पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी पीके त्रिपाठी को बुला लिया। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी भी पहुंचे। पनीर और दूध का सैंपल लिया। डेढ़ क्विंटल दूध को नष्ट कराया और दूध में मिलाया जा रहा 49 किलोग्राम पाउडर जब्त कर लिया। एसडीएम ने बताया कि शिकायत मिलने पर दबोई खुर्द पहुंचे थे। जहां सिंथेटिक दूध से पनीर बनता मिला। जो गलत है। सैंपल भरवाए गए हैं। जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
बाजार में कई तरह का पनीर, अलग-अलग रेट होते हैं निर्धारित
बाजार में कई तरीके का पनीर अलग-अलग रेट में मिलता है। त्योहारी सीजन हो या फिर सहालग इसके रेट बिल्कुल अलग हो जाते हैं। 180 रुपये से 320 रुपये तक के रेट का पनीर बिक रहा है। तीन सौ रुपये की करीब बेचे जाने वाले पनीर को दुकानदार बिल्कुल शुद्ध बताते हैं तो दूसरे पनीर को क्रीम निकले दूध का बताया जाता है। इस बीच दुकानदार सिंथेटिक दूध से बने पनीर का बिल्कुल जिक्र नहीं करते। जबकि सच्चाई यह है कि बाजार में ज्यादातर पनीर सिंथेटिक वाला ही है।
मौके से पाउडर को जब्त किया गया है। नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। एक महीने में करीब जांच रिपोर्ट आ जाएगी। उसके आधार पर ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. पीके त्रिपाठी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, संभल