संभल। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए पहले दिन जिले में 15363 नामांकन दाखिल हुए। प्रधान पद के लिए 6728 उम्मीदवारों ने नामांकन किए। क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) के लिए 3560 पर्चे भरे गए। ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 4592 नामांकन कराए गए। जिला पंचायत सदस्य पद की 35 सीटों के लिए 483 नामांकन हुए।
जिले के आठ विकास खंडों में कड़ी पुलिस चौकसी के बीच सुबह आठ बजे से नामांकन शुरू हो गए। दोपहर तक लंबी कतारें थीं। शाम तक कतारें नहीं टूटीं। पवांसा में शाम सात बजे तक नामांकन पत्र स्वीकार किए गए। नामांकन के दौरान सामाजिक दूरी बार-बार टूटी। अच्छी बात यह थी कि अधिकतर लोग मास्क लगाकर पहुंचे थे। कोरोना की जांच के लिए विकास खंडों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगीं रहीं। अधिकारियों ने भी भ्रमण किया।
संभल विकास खंड नामांकन की वजह से दिन भर भीड़ रही। पवांसा में सुबह आठ बजे से ही नामांकन के लिए लोग पहुंचना शुरू हो गए थे लेकिन सभी सहायक निर्वाचन अधिकारी नहीं पहुंचे थे। क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के नामांकन के लिए 13,14, 15, 16 नंबर खिड़की पर सहायक निर्वाचन अधिकारी आठ बजे से नहीं थे। एक घंटे बाद इन खिड़कियों पर नामांकन हुए। नामांकन का सिलसिला शाम सात बजे तक जारी रहा है हालांकि पांच बजे विकास खंड मुख्यालय का द्वार बंद कर दिया गया था। जो लोग परिसर में थे उनके नामांकन सात बजे तक स्वीकार किए गए। असमोली विकास खंड में क्षेत्र पंचायत के 594, ग्राम प्रधान पद के 1097 और सदस्य ग्राम पंचायत पद के लिए 678 नामांकन पत्र दाखिल हुए। विकास खंड के आसपास सुबह से ही नामांकन दाखिल करने वालों की भीड़ एकत्र होने लगी थी। दस बजे तक भारी भीड़ हो गई। पुलिस ने सबको कतार में लगवाया तो कतार लंबी होने लगी। करीब आधा किलोमीटर लंबी कतार लग गई। समर्थक भी आसपास एकत्र थे पर उन्हें विकास खंड के आसपास भी फटकने नहीं दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार जायसवाल और सीओ अरुण कुमार सिंह भी व्यवस्था देखने पहुंचे।