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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर आरक्षण पर लगीं सबकी निगाहें

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संभल। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सबकी निगाहें आरक्षण पर लगी हैं। आपत्ति का समय निकल गया है। अब जिला स्तरीय कमेटी 10 से 12 मार्च तक आपत्तियों का परीक्षण और निस्तारण करेगी। साथ ही 14 मार्च को अंतिम सूची का प्रकाशन हो जाएगा। इसके बाद राजनीतिक दलों में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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जिला पंचायत राज अधिकारी जाहिद हुसैन ने बताया कि आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तिथि निकल गई है। विकास खंड मुख्यालयों से सभी आपत्तियां मंगा ली गईं हैं। आपत्तियों का निस्तारण बुधवार और गुरुवार को जिला स्तरीय कमेटी करेगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली आपत्ति निस्तारण कमेटी में मुख्य विकास अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी शामिल हैं। यही कमेटी 14 मार्च को अंतिम सूची प्रकाशित करेगी।
अनुसूचित जाति की आबादी अधिक तो ओबीसी के लिए आरक्षण क्यों
भारतल सिरसी गांव में ग्राम प्रधान का पद वर्ष 2000 में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था। इसके बाद ओबीसी के लिएआरक्षण हुआ और एक बार सीट अनारक्षित रही। अबकी बार प्रधान का पद ओबीसी के लिए आरक्षित किया गया है। इस पर आपत्ति गांव के दाखिल करने वाले लोगों का कहना है कि अनुसूचित जाति की आबादी सबसे ज्यादा है तो फिर ओबीसी के लिए आरक्षण क्यों किया गया। आपत्ति दाखिल करने वालों का कहना है कि गांव में प्रधान पद को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया जाए। अगर ऐसा नहीं हो सकता है तो पद को अनारक्षित रखा जाए। जिला पंचायत राज अधिकारी जाहिद हुसैन का कहना है कि वे इसका परीक्षण करेंगे। आरक्षण नीति का जो शासनादेश है उसका पालन होगा। संवाद
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प्रधान पद को लेकर आईं सर्वाधिक 158 आपत्तियां
प्रधान पद के आरक्षण के खिलाफ 158 आपत्तियां दाखिल हुईं। सबसे अधिक 39 आपत्तियां संभल विकास खंड से आईं हैं। पूरे जिले में क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के आरक्षण को लेकर 14 आपत्तियां आईं हैं। जिला पंचायत सदस्य पद के आरक्षण को लेकर 10 आपत्तियां आईं हैं। कुल आपत्तियों की संख्या 183 है। ग्राम पंचायत सदस्य पद के आरक्षण पर सिर्फ एक आपत्ति आई है।
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