महिला ने घर पर आकर उपचार के आभाव में दम तोड़ दिया। महिला की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
तहसील क्षेत्र के गांव मतावली पट्टी जग्गू निवासी मुकर्रम की पत्नी फरजाना खातून को 15 नवंबर को पेट में दर्द हुआ था। परिजन फरजाना खातून को उपचार के लिए मुरादाबाद के निजी अस्पताल में ले गए। जहां डाक्टर ने गंभीर हालत देखते हुए भर्ती कर लिया।
इसके बाद परिजन टांठी के प्रथमा बैंक में जाकर शाखा प्रबंधक से हर दिन रुपये मांगते लेकिन वह बैंक में रुपये न होने की बात कहकर घर भेज देते थे। 23 नवंबर को जेब से भी रुपये खत्म होने पर डाक्टरों ने फरजाना का उपचार करने से मना कर दिया। ऐसे में परिजन फरजाना खातून को घर लेकर आ गए। इसके बाद परिजन ग्राम प्रधान को लेकर कई बार शाखा प्रबंधक से मिले लेकिन उन्हें बैंक से रुपये नहीं मिल। इलाज के आभाव में गुरुवार को सुबह फरजाना खातून ने दम तोड़ दिया।
मुकर्रम के भाई को भी बैंक से नहीं मिले रुपये
संभल। मुकर्रम की पत्नी बीमार थी। ऐसे में मुकर्रम के भाई कय्यूम कई बार असमोली के स्टेट बैंक से रुपये निकालने गया लेकिन शाखा प्रबंधक ने रुपये न होने की बात कहते हुए उन्हें भी रुपये नहीं दिए। कय्यूम ने बताया कि मैं भाभी के अस्पताल के कागज लेकर भी बैंक गया लेकिन इसके बाद भी मुझे रुपये नहीं मिले। अगर प्रधानमंत्री नोट बंदी का फैसला नहीं लेते तो आज मेरी भाभी की मौत नहीं होती।
बैंक में कैश नहीं होने पर किसानों ने किया विरोध
धनारी। क्षेत्र के सुल्तानगढ़ की सर्वयूपी ग्रामीण बैंक में कैश नहीं होने से किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साए किसान बैंक बंद करने की जिद पर अड़ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से किसानों को समझा बुझाकर उन्हें शांत कराया। गुरुवार की सुबह बैंक से रुपये निकालने वालों की भीड़ लग गई।
बैंक खोलने के लिए पहुंचे कर्मचारियों ने जब किसानों को बताया कि बैंक में रुपया नहीं है। इसके बाद किसान बैंक खोलने का विरोध करने लगे। बैंक कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर बैंक खुलवाया। बैंक में कैश नहीं होने पर किसानों में आक्रोश है।