संभल में पदयात्रा के लिए जुटे लोग और निगरानी करती पुलिस
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इंस्पेक्टर से बहस के बाद पुलिस ने हटाए बैरियर
संभल में पदयात्रा करने की पूरी तैयारी थी, लेकिन ऐन वक्त पर इसे स्थगित कर दिया गया। पदयात्रा में लोग शामिल नहीं हो सकें इसके लिए पुलिस ने बैरियर लगाए थे। जब यह जानकारी महंत ऋषिराज गिरि को हुई तो वह भड़क गए। इसके बाद उनकी बैरियर पर मौजूद इंस्पेक्टर अनुज तोमर से बहस हो गई। इसके बाद बैरियर हटाए गए।
संभल में पदयात्रा के लिए जुटे लोग
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जामा मस्जिद के आसपास कड़ी रही सुरक्षा
संभल में पदयात्रा के एलान के बाद जिले के साथ पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड़ पर था। सत्यव्रत चौकी में तहसीलदार कुमार सिंह ने मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रखी। वहीं, पुलिस के अधिकारियों ने ड्रोन से निगरानी बनाए रखी।
संभल में निगरानी करती पुलिस
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2026 का इंतजार करेंगे: महंत
शासन-प्रशासन ने हमसे एक वर्ष का समय मांगा है, इसलिए पदयात्रा को स्थगित किया गया। हम अब 19 नवंबर 2026 का इंतजार करेंगे। यह कहना है कैलादेवी मंदिर के महंत ऋषिराज गिरी का। उन्होंने पदयात्रा स्थगित करने के बाद मंच से लोगों को संबोधित किया। महंत ने कहा कि जरूरत पड़ी तो छह दिसंबर को दोहराएंगे।
आगे कहा कि मां कैलादेवी धाम को हरिहर मंदिर का स्वरुप मानकर सवा किलोमीटर की परिक्रमा की गई है। वहीं, दूसरी ओर डीएम ने भी महंत से फोन पर बातचीत की। महंत ने फोन को हैंडफ्री कर माइक पर लगा दिया। इसमें डीएम ने शांति बनाए रखने और पदयात्रा को स्थगित करने का अनुरोध किया। इसके बाद ही पदयात्रा स्थगित किए जाने की घोषणा की गई।