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संभल जिले में सडकों पर दौड रहे ओवरलोड वाहन, हादसा हुआ तो कौन होगा जिम्मेदार

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असमोली क्षेत्र में इस तरह ओवरलोडिंग से जर्जर हो रहे लिंक मार्ग। - फोटो : SAMBHAL
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ओबरी/संभल। भारी वाहनों के संचालन के लिए नियम निर्धारित हैं लेकिन संभल जिले में इनका पालन होता नहीं दिख रहा। सड़कों पर ओवरलोड वाहन खूब दौड़ रहे हैं लेकिन परिवहन विभाग ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कदम क्यों नहीं उठाता। यह सवाल अहम है। अगर कहीं कोई हादसा हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा। सामान की ढुलाई करने वाले डीसीएम व ट्रक जैसे बडे़ वाहन यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
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बडे़ वाहनों के अलावा ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रालियां सड़कों पर दौड़ती देखी जा सकती हैं। बडे़ वाहनों में सामान लादने के मानक तय हैं लेकिन फिर भी संभल जिले में इन वाहनों पर नियम लागू नहीं हा रहे हैं। क्योंकि जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। संभल जिले की सड़कों पर ओवरलोड ट्रक और डीसीएम दौड़ते देखे जा सकते हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों को शुक्रवार व शनिवार को देखा गया तो चौंकाने वाला सच सामने आया।
ग्रामीण क्षेत्र में छोटी-छोटी सड़कों पर कई ओवरलोड ट्रक गुजरते दिखे। इस दौरान हादसे का अंदेशा तो बना ही रहता है क्योंकि सड़कें चौड़ी नहीं हैं। विभागीय उदासीनता के चलते ओवरलोड वाहन खूब दौड़ रहे हैं। एआरटीओ अमरीश कुमार ने बताया कि ओवरलोडिंग पर विभाग समय-समय पर कार्रवाई करता है। ओवरलोडिंग पर जुर्माना वसूल कर चालान भी किए गए हैं। यह अभियान जारी रहेगा।
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ओवरलोड वाहनों से सड़कें हो रहीं जर्जर, लगता है जाम
संभल। ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कें जल्दी खराब हो रही हैं। सैदनगली से मनोटा चौधरपुर मार्ग, मनोटा से ओबरी, गुमसानी, रतनपुर कलां मार्ग, असमोली लोदीपुर मार्ग जर्जर हो गए हैं और गहरे गड्ढे भी बने हुए हैं। जबकि इन मार्गों पर ओवरलोड वाहनों से जाम लग जाता है।
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