सीएचसी असमोली क्षेत्र के गांव ततारपुर रोड में बुखार का प्रकोप है। गांव 150 से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं, जो लोग आर्थिक रूप से संपन्न हैं वह दूसरे जिलों में इलाज करा रहे हैं। वहीं गरीब गांव में ही झोलाछाप से इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। ज्यादातर मरीज को ड्रिप लगाई जा रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने शिविर नहीं लगा रहा है। इसलिए झोलाछाप से इलाज कराना मजबूरी है। वहीं कुछ मरीज घर पर ही झोलाछाप से ड्रिप लगवाएं है। गांव निवासी सनी देव ने बताया कि उसको चार दिन से बुखार है। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। जांच संभल की लैब पर कराई है। गांव में ही इलाज करा रहे हैं। ज्ञानदेई ने बताया कि छह दिन से बुखार है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर नहीं लगाया गया है। हरि सिंह ने बताया कि गांव ऐंचोड़ा कंबोह के चिकित्सक से इलाज करा रहे हैं। सेवानिवृत्त शिक्षक करन सिंह ने बताया कि उनके परिवार में चार लोग बुखार पीड़ित हैं। परिवार के सदस्यों का मुरादाबाद में इलाज चल रहा है। वह खुद भी बुखार से पीड़ित हैं व अमरोहा में इलाज करा रहे है।
- गांव ततारपुर रोड में बुखार का प्रकोप होने की जानकारी नहीं है। जहां भी बुखार होने की जानकारी मिल रही है वहां शिविर लगाए जा रहे हैं। गांव ततारपुर रोड में भी शिविर लगवाया जाएगा।
-संदीप सिंह, प्रभारी सीएचसी, असमोली
पाली गांव में लगा शिविर
सिंहपुरसानी। बुखार का प्रकोप झेल रहे गांव पाली में स्वास्थ्य उपकेंद्र पर सोमवार को स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान 101 मरीजों के स्वास्थ्य का उपचार किया गया। बुखार के 25, एलर्जी के 24, बदन दर्द के 30, पेट दर्द के पांच, आंखों के पांच, सीने के दर्द के चार समेत कई अन्य बीमारियों के मरीज मिले। जांच में डेंगू की 20 और मलेरिया की 25 जांच हुईं। जिसमें एक भी पॉजिटिव नहीं निकला। इस दौरान डॉ. सुदेश, शशि, आशुतोष, उस्मान, हरीश कुमार रहे। संवाद