चंदौसी (संभल)। सीएचसी में ऑनलाइन ओपीडी के लिए सभी संसाधन उपलब्ध हो गए हैं, पर स्टाफ को कंप्यूटर नहीं आता। जिससे ऑनलाइन ओपीडी तो दूर की बात है, अभी ऑनलाइन पंजीकरण भी नहीं हो पा रहा है। चिकित्सक बमुश्किल 50 मरीजों के लिए ऑनलाइन पर्चे बनवाते हैं। अन्य मरीजों के पर्चे भी ऑफलाइन बनाए जा रहे हैं। मरीजों को भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व ओपीडी की जानकारी नहीं है।
शासन की ओर से सीएचसी में ऑनलाइन ओपीडी का संचालन कराने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। जिसमें कंप्यूटर सिस्टम सहित अन्य शामिल है। मगर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को कंप्यूटर का ज्ञान नहीं होने से मरीजों का ऑनलाइन पंजीकरण भी नहीं कराया जा रहा है। प्रत्येक दिन चिकित्सकों द्वारा ही 50 से 60 मरीजों के रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन किए जाते हैं। रोजाना 600 से 650 की ओपीडी हो रही है। अन्य मरीजों को स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा ऑफलाइन ही रजिस्ट्रेशन करके पर्चा दिया जाता है। इन पर्चों से ही मरीज चिकित्सक के पास जाकर उपचार कराता है तथा दवा भी लेता है। जबकि शासन ने सीएचसी की समस्त ओपीडी को ऑनलाइन करने के लिए संसाधन उपलब्ध कराए दिए हैं। मगर ओपीडी क्या रजिस्ट्रेशन भी ऑनलाइन नहीं किए जा रहे हैं। जिसका मुख्य कारण स्टाफ को कंप्यूटर का ज्ञान नहीं होना माना जा रहा है। जिससे शासन की योजना का सीएचसी में लागू नहीं किया गया है। इसके अलावा पर्चा बनवाने वाले मरीजों को भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की जानकारी है। उन्हें खिड़की पर जाकर एक रुपये का सिक्का देकर स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा पर्चा बनाकर दे दिया जाता है।
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ऑनलाइन पंजीकरण व ओपीडी के लिए अभी स्टाफ प्रशिक्षित नहीं है। कम्प्यूटर व अन्य सामान आ गए हैं। जल्द ही स्टाफ को प्रशिक्षण होगा। इसके बाद सभी सुविधाएं ऑनलाइन मिलनी शुरू होगी।
डॉ. हरवेंद्र सिंह, एमओआईसी सीएचसी चंदौसी