संभल। 15 माह पहले आयुर्वेदिक दवा के लाइसेंस पर एलोपैथिक दवा बेचने पर औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने एक करोड़ की दवाई जब्त कर नमूना जांच के लिए भेजा था। जिसमें एक सीरप नकली पाया गया। जिस पर अपर जिलाधिकारी न्यायालय ने फर्म स्वामी सरायतरीन के मोहल्ला भालेभाज खां निवासी तेजप्रकाश पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
तीन नवंबर 2022 को औषधि प्रशासन विभाग की कई जिलों की टीमों ने औषधि प्रशासन विभाग के मुरादाबाद सहायक आयुक्त दीपक शर्मा के नेतृत्व में संभल में कई मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा था। पहली कार्रवाई शहजादी सराय स्थित मैक्सन फार्मा पर की थी। जहां से बड़ी मात्रा में दवाएं बरामद की थीं। नामचीन कंपनी के रैपर व अन्य सामग्री बरामद हुई थी। दूसरी कार्रवाई रामबिहार कालोनी में स्थित फार्मा के गोदाम पर की थी। जहां से दर्जनों प्रकार की बड़ी मात्रा में दवाएं रखी मिली थीं। टीम की छानबीन में करीब एक करोड़ की दवाएं होने का दावा किया गया था। मुरादाबाद की औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें तेज प्रकाश उर्फ रामबाबू और इसका बेटा शुभम गिरफ्तार किए गए थे। जबकि मुरादाबाद के विरेंद्र पाल, संभल निवासी निशी रानी और प्रमोद कुमार सिंह को आरोपी बनाया गया था। जांच में एक सीरप नकली पाया गया। जिस पर मंगलवार को अपर जिलाधिकारी न्यायालय ने आरोपी फर्म स्वामी पर डेढ़ लाख रुपय को जुर्माना लगाया है।