कुइयां से मवेशी निकालने के दौरान ढांग ढह गई। इसके मलबे में दो सगे भाइयों समेत तीन लोग दब गए। करीब आधा घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद मिट्टी हटाकर ग्रामीणों को निकालकर दो ग्रामीणों को स्थानीय सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर ने एक को मृत घोषित कर दिया। जबकि, दूसरे को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। तीसरे ग्रामीण का परिजनों ने गांव में ही उपचार कराया।
गांव गंगेहटा में निवासी कंहई पुत्र राधेश्याम का दुधारू पशु दोपहर एक बजे करीब दो किलोमीटर दूर खेत में बनी कुइयां में गिर गया। सूचना पर कंहई व सगे भाई शिशुपाल व सत्यवीर तथा गांव का ही चंद्रकेश पुत्र हप्पू समेत कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे। जेसीबी बुलाई गई। करीब ढाई घंटे तक पशु को निकालने के लिए मशक्कत की गई। कंहई, शिशुपाल व चंद्रकेश कुइयां में पशु निकालने के लिए मिट्टी हटा रहे थे। सत्यवीर और अन्य ग्रामीण कुइयां के ऊपर की तरफ थे। अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे कुइयां की ढांग गिर गई और पशु समेत कंहई, शिशुपाल व चंद्रकेश ढांग के नीचे दब गए।
आनन-फानन लोगों ने प्रयास कर ढांग की मिट्टी हटाना शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे के रेस्क्यू के बाद तीनों ग्रामीणों को कुइयां से निकाला गया। आनन-फानन में चंद्रकेश को परिजन घर ले गए और गांव में ही उपचार कराया। सूचना पर पहुंची 108 नंबर एंबुलेंस ने दो घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सक ने 35 वर्षीय शिशुपाल को मृत घोषित कर दिया, जबकि कंहई को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
समय के रहते इसरार मकान से बाहर की तरफ भाग निकले। उधर, चंदौसी के असालतपुर जारई में रविवार की सुबह साढ़े आठ बजे दीपक पुत्र छदम्मी के मकान की छत उस समय गिर गई। छत गिरने से उसके मलबे में तीनों बच्चे आंशिक रुप से दब गए। कुछ ही देर में बच्चों को बाहर निकाल लिया। उधर, गांव दियौराखास में महावीर सिंह पुत्र बहादुर सिंह के घर की छत गिर गई। मलबे में दबकर महावीर का सारा सामान टूट फूट गया।