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Sambhal News: आत्महत्या को सर्पदंश से लिखने वाले चिकित्सक का एक दिन का वेतन काटा, मुख्यालय संंबद्ध किया

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संभल। धर्मवीर की मौत सर्पदंश से लिखने वाले चिकित्सक डाॅ. अजहर अली का एक दिन का वेतन सीएमओ के निर्देश पर काटा गया है। साथ ही जुनावई सीएचसी से हटाकर मुख्यालय संबद्ध कर दिया गया है। यह कार्रवाई 24 मई को किए गए पोस्टमार्टम की गलत रिपोर्ट बनाने के आरोप में की गई है। इस मामले की जांच भी हो रही है। एसीएमओ पंकज विश्नोई और कुलदीप आदिम इसके जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
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कैलादेवी थाना क्षेत्र के गांव साकिन शोभापुर मिलक गांव निवासी धर्मवीर (21) पुत्र वेदपाल ने आत्महत्या की थी। 24 मई की सुबह शव निर्माणाधीन मकान में फंदे से लटका हुआ मिला था। इसकी पुष्टि पुलिस की जांच रिपोर्ट में हुई है। जबकि पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक ने मौत का कारण सर्पदंश लिखा था। सीएमओ डॉ. तरन्नुम रजा ने बताया कि चिकित्सक की लापरवाही सामने आने पर एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की गई है। साथ ही जुनावई सीएचसी से हटाकर मुख्यालय पर संबद्ध कर दिया है। दो एसीएमओ इस प्रकरण की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो धर्मवीर की आत्महत्या को सर्पदंश से मौत होने की झूठी कहानी रचने के आरोप में कैलादेवी थाना प्रभारी संजीव कुमार, विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक राशिद हुसैन, हेड कांस्टेबल विनेश कुमार और कांस्टेबल अमित कुमार को संभल पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्र लाइन हाजिर कर चुके हैं। डीआईजी के आदेश पर यह कार्रवाई की गई थी। अब डीआईजी के निर्देश पर ही विभागीय जांच बिजनौर जिले के एएसपी पुलिसकर्मियों की कर रहे हैं। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
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ये था मामला

23 मई को धर्मवीर गांव के चामुंडा मंदिर के लिए अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली से भराव कर रहा था। गांव निरयावली निवासी समरपाल और हरवीर का भी ट्रैक्टर-ट्रॉली लगा था। 23 मई की शाम को थाने से पुलिसकर्मी आए और पकड़कर थाने ले गए। जहां धर्मवीर की काफी पिटाई की गई और रात साढ़े दस बजे करीब छोड़ दिया था। 24 मई की सुबह धर्मवीर का शव निर्माणाधीन मकान में रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला था। धर्मवीर की मां सरवती देवी के चीखने पर परिवार और आसपास के लोग आए थे और शव को नीचे उतारा था।

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पुलिस ने बनाई झूठी कहानी

24 मई की शाम को पुलिस की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि सर्पदंश से मौत होने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। पुलिस की प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या करने की जानकारी गलत है। मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसके बाद किसी व्यक्ति ने इस मामले की शिकायत पुलिस मुख्यालय लखनऊ में की तो जांच के आदेश हुए। डीआईजी मुरादाबाद ने मुरादाबाद के एसपी देहात को जांच अधिकारी बनाया। उनकी जांच में सामने आया कि धर्मवीर की मौत सर्पदंश से नहीं हुई थी। बल्कि धर्मवीर ने पुलिस की पिटाई से आहत होकर ही आत्महत्या की थी।
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