संभल। पांच साल पुराना भूमि सीमांकन विवाद निबटते ही मध्य गंगा नहर निर्माण नहर निर्माण में आ रही बाधा दूर हो गई। राजस्व विभाग और सिंचाई विभाग की टीम ने मंगलवार को सीमांकन कर भूमि को चिह्नित किया। इसके बाद बुलंदशहर स्थित मध्य गंगा नहर निर्माण खंड-आठ को संभल जिले की इस भूमि पर कब्जा दिलाया गया।
भूमि सीमांकन विवाद संभल तहसील का है। जनसुनवाई के दौरान डीएम अंकित खंडेलवाल के समक्ष ग्राम सिकंदरपुर करछली निवासी सुंदर सिंह ने भूमि एवं नहर निर्माण से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में गाटा संख्या 174 एवं 175 के मध्य सीमांकन को लेकर करीब पांच वर्षों से चले आ रहे विवाद का उल्लेख किया गया था। डीएम के निर्देश तथा एसडीएम विकास चंद्र की देखरेख में नायब तहसीलदार अरविंद कुमार के नेतृत्व में राजस्व टीम मौके पर पहुंची और गाटा संख्या 174 एवं 175 के मध्य सीमांकन संबंधी विवाद का निस्तारण कराया। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई से करीब पांच वर्षों से लंबित भूमि सीमांकन विवाद का प्रभावी समाधान हुआ है। साथ ही नहर निर्माण परियोजना के लिए आवश्यक भूमि संबंधी प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकी है।
यह था विवाद
सिकंदरपुर करछली के गाटा संख्या 174 एवं 175 के बीच सीमांकन को लेकर पांच साल से भी ज्यादा समय से विवाद चल रहा था। इसके चलते नहर निर्माण के लिए भूमि को स्पष्ट रूप से चिह्नित करने और आवश्यक बैनामे की कार्रवाई में भी कठिनाई आ रही थी। पूर्व में किए गए बैनामे के आधार पर संबंधित भूमि पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई भी लंबित थी। इस हिस्से में नहर निर्माण में भी बाधा थी। इसे अब दूर किया गया है।