बहजोई (संभल)। टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में 25 नवंबर को दिल्ली में होने वाली महारैली को सफल बनाने के लिए शुक्रवार को बबराला रोड स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित पुरानी पेंशन बहाली मंच व अटेवा की जिला कार्यकारिणी की बैठक हुई, जिसमें पदाधिकारियों ने कहा कि एनपीएस व यूपीएस योजना मात्र छलावा है।
जिला महामंत्री नईमुद्दीन अली ने बताया कि बैठक में टीईटी की अनिवार्यता के विरोध व पुरानी पेंशन बहाली के लिए में दिल्ली में महारैली के माध्यम से होने वाले राष्ट्रव्यापी आंदोलन में भागीदारी के लिए सदस्यता अभियान व जागरुकता के लिए रणनीति बनाई गई। साथ ही महारैली में अधिक से अधिक लोगों के पहुंचने के लिए जोर दिया गया। जिलाध्यक्ष प्रह्लाद यादव ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता के आदेश ने देश के करीब 20 लाख शिक्षकों के भविष्य को अंधकारमय बना दिया। साथ ही दो साल में टीईटी पास करें अन्यथा नौकरी से छुट्टी, वर्तमान में पचास वर्ष की आयु पार कर चुके शिक्षकों को टीईटी पास करने में मुश्किल होगी।
मंडल कोषाध्यक्ष मोहम्मद उमर ने कहा कि एनपीएस व यूपीएस तो पूंजीपतियों का पेट भरने की योजना है और शिक्षक-कर्मचारियों के लिए छलावा मात्र है। जिला कोषाध्यक्ष मनजीत मोहन ने सभी ब्लॉकों के अध्यक्ष को सदस्यता रसीद व प्रचार सामग्री उपलब्ध कराई। बैठक में प्रदीप कुमार, अमरीश कुमार, उमेश यादव, केसर अब्बास, धर्मवीर, शरद यादव, अरमान खान व ललिता सिंह आदि रहे।