अब दूल्हा को शादी में बनानी होगी अपने खर्च से पोशाक
कुरैशी बिरादरी में शादी-विवाह में फिजूल खर्च पर रोक लगाने का लिया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
संभल। सरायतरीन मोहल्ला चकली में अल कुरैश वेलफेयर सोसायटी की बैठक हुई। इसमें निकाह में होने वाले फिजूल खर्चों व तीन रस्मों पर प्रतिबंध लगाया गया। शुक्रवार को आयोजित बैठक में कुरैशी बिरादरी में शादी विवाह के मौके पर होने वाली गैरजरूरी तीन रस्मों को सर्वसम्मति से चौधरी हाफिज शाहिद ने प्रतिबंध लगाया है। कहा कि दूल्हा अपनी शादी का जोड़ा अपने खर्चे से बनवाएगा।
दूल्हे का स्वागत पुरुष करेंगे ना कि युवतियां और किसी भी प्रकार के रुपयों का कोई लेन-देन नहीं होगा। इसके अलावा निकाह से पहले त्योहारों पर भेजे जाने वाले उपहार बंद करने का फैसला लिया। कहा कि इन तीन रस्मो पर धीरे धीरे प्रतिबंध लगाकर फिजूल खर्चों को कम से कम करके शिक्षा पर जोर देना चाहिए। दुआ मुफ्ती अब्दुल गफूर ने कराई। अध्यक्षता चौधरी हाफिज साहिब व संचालन जिया उल नबी ने किया। इस दौरान हाजी शकील कुरैशी, हाजी मुनव्वर, हाफिज खुर्शीद, एहसान इलाही, हाफिज फखरे आलम, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद मोबीन, मोहम्मद वसीम, मुनव्वर हुसैन आदि मौजूद रहे।