संभल। लोहा गरम है। किसान वोट की चोट से गन्ना बकाया भुगतान ब्याज सहित लेगा। करीब चार साल पहले प्रधानमंत्री ने किसानों को 14 दिन में गन्ना बकाये का भुगतान करने का वादा करके भाजपा के लिए वोट मांगे थे, लेकिन अब तक वादा पूरा नहीं किया। अब किसानों की बारी है, क्योंकि यूपी में चुनाव है। यह बातें राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहीं।
अपर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर संभल में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के तत्वावधान में किसानों की मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी धरना चल रहा है। रविवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह संभल पहुंचे। किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की लड़ाई का अब अंतिम पड़ाव है। 2017 में प्रधानमंत्री मोदी 14 दिन में गन्ने का भुगतान कराने का वादा कर भाजपा के लिए वोट मांगे थे, लेकिन करीब चार साल बीतने के बाद भी किसानों को14 दिन में भुगतान नहीं मिला है। किसानों की बेहतरी के लिए सरकार एमएसपी पर कानून बनाए। एमएसपी का गारंटी कानून बनने के बाद किसानों की अधिकतर मांगों का स्वत: ही निदान हो जाएगा। योगी सरकार पर चुटकी लेते हुए कहा कि वे संत हैं और उन्हें नहीं पता कि किसानों की फसल पर कितनी लागत आती होगी। सरकार किसानों को गुमराह करना चाहती है, लेकिन अब हम अपनी ताकत दिखाएंगे। सिर्फ झूठे आश्वासनों ने काम नहीं चलेगा। गन्ना समिति के क्षेत्र में 50-100 लोगों की टोली बना लो, जो किसान ब्याज का पैसा नहीं लेना चाहते, उन्हें बताओ कि ब्याज के जो रुपये उन्हें मिले उसे मंदिर में दान कर दें। इस दौरान राजवीर सिंह, कुलदीप चौधरी, गौरव चौधरी, निकसम कुमार, अरविंद मोहन, राजीव चौधरी, करतार सिंह आदि रहे।
वीएम सिंह ने दूध पर भी मांगी एमएसपी
संभल। वीएम सिंह ने धान, गेहूं, मक्का और आलू पर एमएसपी के साथ दूध पर एमएसपी देने की वकालत की। कहा कि करीब 80 फीसदी किसानों का गुजारा दूध बेचकर होता है। इसलिए सरकार को दूध पर भी एमएसपी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब तक सरकार ने हमारी नहीं सुनी। इसके चलते 15 जुलाई को किसान विधानसभा का घेराव करने के लिए कूच करेंगे। इसकी तैयारी की गई है।
प्रेसवार्ता के दौरान किसान आंदोलन पर साधा निशाना
संभल। सरदार वीएम सिंह किसान आंदोलन को लेकर पूछे गए सवालों पर तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि किसान संगठन कहते हैं कि आंदोलन में 500 किसानों ने जान गंवाई है। सरकार को इन किसानों की मौत का दुख है तो चंदे में आई धनराशि में से कुछ रकम इनके परिजनों को भी दे दें। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि आंदोलन उठे। क्योंकि उसे अपनी नाकामी का ठीकरा किसानों पर फोड़ना है।
डीसीओ से जताई नाराजगी
संभल। किसानों को संबोधित करने के दौरान गन्ना मूल्य के बकाया पर ब्याज के आंकड़े जिला गन्ना अधिकारी कुलदीप सिंह से मांगे तो वह नहीं दे सके। इस पर वीएम सिंह ने नाराजगी जताई। उनकी नाराजगी इसलिए भी बढ़ी कि जब वह किसानों को संबोधित कर रहे थे तो जिला गन्ना अधिकारी कुलदीप सिंह को मौके पर बुलाने के लिए कहा गया, लेकिन वे नहीं आए। हालांकि बाद में डीसीओ मौके पर आए पर ब्याज के आंकड़े नहीं दे पाए।