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Sambhal News: अब डराने लगा डिप्थीरिया, संक्रमित बच्ची की मौत

Thu, 12 Sep 2024 02:08 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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चंदौसी (संभल)। गांव जनेटा में डिप्थीरिया संक्रमित अनूफा (8) पुत्री मुस्तफा की दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में उपचार के दौरान मंगलवार की रात मौत हो गई। शनिवार को जिला अस्पताल में डिप्थीरिया की पुष्टि होने के बाद मुरादाबाद रेफर किया था, जहां हालत में सुधार न होने पर परिजन दिल्ली ले गए थे।
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चार सितंबर को गांव जनेटा निवासी मुस्तफा की आठ साल की बेटी अनूफा को बुखार आया था, साथ ही गले में दर्द की शिकायत भी थी। पांच सितंबर को परिजन उसे चंदौसी के मुंसिफ रोड स्थित निजी अस्पताल ले गए। जहां हालत में सुधार न होने पर छह सितंबर को चंदौसी सीएचसी ले गए। जहां से चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था। जिला अस्पताल में बच्ची के खून की जांच कराई तो डिप्थीरिया की पुष्टि हुई। जिसके बाद जिला अस्पताल से मुरादाबाद के जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। हालत में सुधार न होने पर शनिवार की देर रात परिजन बच्चों को दिल्ली ले गए और राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां पर मंगलवार की रात बच्ची ने दम तोड़ दिया। बुधवार की सुबह परिजन शव को गांव ले आए और सुपुर्द ए खाक कर दिया। बालिका की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। वहीं, दूसरी ओर बालिका की मौत से बुखार पीड़ित ग्रामीणों में दहशत है।






स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगा कर किया सर्वे



चन्दौसी। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरौली के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विश्वास अग्रवाल ने बताया कि शनिवार को जिला अस्पताल से बालिका में डिप्थीरिया की पुष्टि होने के बाद ही सोमवार को गांव जनेटा में कैंप लगाया गया था। मरीजों को दवाएं भी वितरित की गईं। इसके अलावा सर्वे में डिप्थीरिया को दूसरा कोई केस सामने नहीं आया है। फिलहाल एहतियातन निगरानी रखी जा रही है।
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वैक्सीनेशन न कराना भी बना वजह



स्वास्थ्य विभाग के द्वारा किए गए सर्वे में बालिका अनूफा के डिप्थीरिया संक्रमित होने का कारण वैक्सीनेशन न होने की वजह भी माना जा रहा। नोडल अधिकारी डॉ. विश्वास अग्रवाल ने बताया कि जांच में बालिका का वैक्सीनेशन नहीं हुआ था। ये वैक्सीनेशन 16 से 24 माह आयु वर्ग समेत पांच वर्ष व 10 वर्ष की आयु में किया जाता है। बालिका का वैक्सीनेशन नहीं कराया गया था।
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डिप्थीरिया के लक्षण


सांस लेने में दिक्कत होती है।



गर्दन में सूजन हो सकती है।



बच्चे को ठंड लगती है।



संक्रमण फैलने के बाद बुखार रहता है।



खांसी आने लगती है, खांसते वक्त आवाज भी बदल जाती है।



संक्रमित बच्चे के गले में खराश की शिकायत हो जाती है।

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कोट

डिप्थीरिया से बालिका की मौत होने की सूचना मिली है। सर्वे के बाद टीकाकरण कराया जाएगा। शिविर लगाकर जांच कराई जा चुकी है। -डॉ. मनोज चौधरी, जिला सर्विलांस अधिकारी, संभल
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