चंदौसी(संभल)। सीएचसी की महिला मेटरनिटी विंग में स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र को अब बड़ा करने के लिए 500 शैय्या वाले अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। नए वार्ड में कुपोषित बच्चों के लिए 40 बेड आरक्षित होंगे। पहले एनआरसी में कुपोषित बच्चों को रखने के लिए सिर्फ दस बेड की ही सुविधा थी। ऐसे में अधिक बच्चे होने पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके लिए बुधवार को एसीएमओ ने 50 शैय्या अस्पताल का निरीक्षण किया।
गंभीर रूप से बीमार अति कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी और एएनएम द्वारा चिह्नित कर एनआरसी में भर्ती कराया जाता है। यहां विशेषज्ञ 14 दिनों तक बच्चों का डाइट चार्ट तैयार करते हैं। साथ ही, चिकित्सक व विशेषज्ञ लगातार बच्चों का चेकअप कर उन्हें जरूरी दवाओं के साथ-साथ पौष्टिक आहार देने की सलाह देते हैं। मौजूदा समय में जिले का एकमात्र एनआरसी वार्ड चंदौसी सीएचसी के मेटरनिटी विंग की तीसरी मंजिल पर स्थित है।
वर्तमान में एनआरसी में अति कुपोषित बच्चों के लिए सिर्फ दस बेड की सुविधा ही है। ऐसे में दस से ज्यादा बच्चे होने पर चिकित्सक को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था लेकिन अब सीएचसी के 500 शैय्या अस्पताल में अति कुपोषित बच्चों के लिए 40 बेड की सुविधा होगी।
बुधवार को एसीएमओ पंकज विश्नोई ने डीएम के आदेश के बाद सीएचसी का निरीक्षण किया। उन्होंने एनआरसी केंद्र में 10 बेड की सुविधा है। अब अति कुपोषित बच्चों के लिए 50 शैय्या अस्पताल में 40 बेड की सुविधा की जाएगी। इसके लिए बजट तैयार किया जा रहा है।
इस अवसर पर सीएमएस डॉ. हरविंदर सिंह, डॉ. मनोज चौधरी, डॉ. गौरी वार्ष्णेय आदि मौजूद रहीं।