नोटबंदी के दौरान दस लाख से अधिक की रकम खातों में जमा करने वाले फिलहाल आयकर विभाग(आईटी डिपार्टमेंट)के राडार पर हैं। विभाग ने 60 ऐसे लोगों के नाम नोटिस जारी किए हैं, जिनके खाते में नोटबंदी के दौरान दस लाख या इससे अधिक धनराशि जमा की गई है।
जमा धनराशि के बारे में खाताधारकों को जवाब दाखिल करना है, जिसमें मुख्य रूप से जमा धनराशि की आय का स्रोत पूछा गया है। जवाब आने पर उसका परीक्षण किया होगा। इससे पहले चंदौसी के 150 लोगों को नोटिस जारी किए गए थे।
संभल में 60 खाताधारक आयकर विभाग की छानबीन के दायरे में हैं। इन सभी खाताधारक के पैन नंबर संभल स्थित आयकर विभाग के क्षेत्राधिकार में आते हैं। खाताधारकों से आयकर विभाग ने पिछले दिनों अपने पोर्टल के माध्यम से जमा धनराशि का हिसाब मांगा था। पोर्टल में ही जवाब दाखिल करने का विकल्प दिया गया था।
सभी को पोर्टल के जरिए ऑनलाइन जवाब देना था लेकिन किसी ने भी अपना जवाब दाखिल नहीं किया। अब इसके बाद आयकर अधिकारी संभल के माध्यम से पैन नंबर में दिए गए पते पर नोटिस भेजा गया, अधिकतर लोगों ने नोटिस तो रिसीव कर लिए हैं, लेकिन जवाब एक-दो लोगों ने ही दाखिल किया है। तीन चार नोटिस ऐसे भी हैं, जिनमें अभी एड्रेस ट्रेस नहीं हो सके हैं।
जवाब दाखिल न करने वालों को जारी होगा समन
संभल। आयकर विभाग 9 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 के मध्य बैंक खातों में जमा की गई धनराशि के बारे में सतर्क है। बैंकों से मिले डाटाबेस के आधार पर कुछ खातों में बेहिसाब धनराशि जमा होने की खबर आयकर विभाग के पास है। इस पर कार्रवाई चल रही है। कई स्थानों पर नोटिस जारी किए गए हैं।
इसी क्रम में संभल स्थित आयकर कार्यालय में भी निर्धारित प्रारूप पर 60 खाताधारकों के नाम नोटिस गए हैं। नोटिस 10 मार्च के बाद जारी किए गए हैं। सभी नोटिसों में जवाब दाखिल करने के लिए पांच दिन का समय दिया गया था।
लेकिन इस अवधि में कुछ ही जवाब आए। जिनके जवाब नहीं आए हैं अब उनके नाम समन जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। समन मिलने पर संबंधित व्यक्ति खुद या अपने अधिवक्ता के माध्यम से जवाब दाखिल कर सकता है।
कुछ पैन पर अधिवक्ता के लिखा दिए गए हैं पते
कुछ ऐसे मामले में हैं, जिनमें पैन नंबर पर अधिवक्ता का ही पता लिखा है, जब आयकर विभाग ने नोटिस भेजा तो उसे संबंधित पते पर रिसीव नहीं किया गया। इस बीच जिन मामलों में आयकर विभाग के पास जवाब आ गए हैं। उनका परीक्षण किया जा रहा है। जवाब के साथ दाखिल किए गए साक्ष्यों का वेरीफिकेशन कराया जा रहा है।
सारी कार्रवाई वैधानिक प्रक्रिया के तहत है। आयकर विभाग के पोर्टल पर जवाब न दिए जाने के बाद विभागीय कार्यालय से नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्य रूप से आयकर विभाग यह जानना चाहता है कि आपके खाते में जमा धनराशि का स्रोत क्या है। यदि धनराशि के संबंध में आपके पास हिसाब किताब है तो फिर उसे घोषित कर दें। विभाग जवाब का परीक्षण करने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया बंद कर देगा।
जीतेंद्र सिंह, आयकर अधिकारी संभल।