प्रसव पीड़िता को चार घंटे तक सरकारी एंबुलेंस की सेवाएं नसीब नहीं हो सकीं। परिजन निजी टेंपो पर प्रसूता को लेकर अस्पताल जा रहे थे कि रास्ते में प्रसव हो गया। प्रसूता ने दो शिशुओं जन्म दिया जिसमें एक की मृत्यु हो गई। अब एक शिशु और महिला गुन्नौर के सरकारी अस्पताल में हैं।
कोतवाली गुन्नौर क्षेत्र के गांव हीरापुर इटउवा के रामबाबू ने मंगलवार की सुबह 11 बजे उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई तो उन्होंने सरकारी निशुल्क सेवा वाली एंबुलेंस 102 को फोन किया। रामबाबू ने दावा किया एंबुलेंस भेजने वाले अधिकारी उसे बार-बार एंबुलेंस पहुंचने की दिलासा दिया लेकिन चार घंटे तक एंबुलेंस उसके गांव नहीं पहुंची। इस बीच प्रसव पीड़ा बढ़ती जा रही थी।
स्थिति गंभीर दिखी तो वह निकट के कस्बा बबराला में करीब एक किलोमीटर तक दौड़कर गया और बस स्टैंड से पांच सौ रुपए के किराए पर टेंपो लाया। इसके बाद वह अपनी पत्नी सर्वेश को गुन्नौर के सरकारी अस्पताल ले जा रहा था। रास्ते में गुन्नौर के जवाहर चौराहे पर प्रसव पीड़ा बढ़ गई। तो टेंपो रोका और निजी दाई को निकट से ही बुलाया। इसके बाद दाई ने प्रसव कराए।
महिला ने दो शिशुओं को जन्म दिया। जिसमें समय से उपचार न मिलने से एक शिशु की मौत हो गई। दूसरे के साथ महिला को टेंपो से ही गुन्नौर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।