चंदौसी में रास्ता नहीं होने के कारण प्लाटिंग चहारदीवारी के ऊपर से अर्थी ले जाते लोग।
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चंदौसी। चंदौसी की सेमरटोला कालोनी में बुधवार को उस समय निकासी की बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई, जब एक वृद्ध की मौत हो गई। उसकी अर्थी के लिए रास्ता नहीं मिला। क्योंकि प्लॉट स्वामियों ने अपने प्लॉट से अर्थी निकालने से इनकार कर दिया। हंगामा हुआ तो पुलिस मौके पर पहुंची। एक सभासद के समझाने पर एक प्लॉट स्वामी रास्ता देने को तैयार हुआ, तब कहीं जाकर प्लॉटिंग चहारदीवारी के ऊपर से अर्थी को निकाला गया।
नौ साल पहले सेमरटोला कालोनी में जब प्लाटिंग की गई थी, तो सारा इलाका खाली था। प्रॉपर्टी डीलर ने प्लॉटिंग करते समय तो नौ फीट का रास्ता दिखाया था लेकिन प्लॉटिंग पूरी करने के बाद वह रास्ता भी बेच दिया। जिससे करीब 25 घरों के लोगों का रास्ता बंद हो गया। बाद में खाली पड़े प्लॉटों की चहारदीवारी बन गई। कुछ भवन बन गए तो रास्ता बंद हो गई। कई बार रास्ता दिलाने के लिए आंदोलन भी हुए लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
महीने भर पहले यहीं के रामस्वरूप (50) पुत्र नारायण दूसरे प्लॉट की चहारदीवारी कूद कर अपने घर जा रहे थे तो वह दूसरी तरफ गिर गए। इससे उनके सीने में चोट आ गई। उपचार चलता रहा लेकिन मंगलवार की रात रामस्वरूप की मौत हो गई। बुधवार की सुबह जब अर्थी लेकर परिजन चले तो रास्ते के प्लॉट स्वामियों ने अपने प्लॉटों से अर्थी निकाले जाने से इनकार कर दिया, ताकि कहीं परंपरा न बन जाए। इस पर हंगामा होगा।
दिनभर अर्थी घर में ही रखी रही। अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। सभासद लौंगश्री के पुत्र अनिल कुमार एडवोकेट ने पहुंचकर एक प्लॉट स्वामी हृदयेश को समझाया। तब जाकर प्लाट से अर्थी को चहारदीवारी के ऊपर से किसी तरह ले जाया गया। देर शाम अंतिम संस्कार हो सका। लेकिन इस समस्या को लेकर अन्य सभी 25 घरों के लोग आशंकित हैं। उन्होंने प्रशासन से रास्ता दिलाने की मांग की है।