बहजोई। निजी ट्राॅमा में उपचार के दौरान कारपेंटर खुशी मोहम्मद की मौत के मामले में दूसरे दिन भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद शाम को पुलिस की निगरानी में परिजनों की ओर से कारपेंटर के शव को दफना दिया गया।
बता दें कि पित्त की थैली में दिक्कत होने के चलते कारपेंटर खुशी मोहम्मद को गांव अचलपुर में गंगा एक्सप्रेसवे के निकट हाईवे किनारे स्थित एक निजी ट्राॅमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। वहीं, मृतक के भाई शानेआलम व अन्य परिजनों का आरोप था कि पहले तो करीब पांच दिन तक निजी ट्राॅमा सेंटर स्टाफ की ओर से खुशी मोहम्मद की कई जांच कराई गई थीं। बाद में बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे खुशी मोहम्मद का ऑपरेशन कर दिया गया। इसके बाद जब उसकी हालत बिगड़ी, तो ट्राॅमा सेंटर के स्टाफ की ओर से परिजनों को बिना बताए एंबुलेंस से हायर सेंटर रेफर करने की कोशिश की गई, वह तो जानकारी होने पर जब एंबुलेंस को रोककर देखा गया, तो उसमें खुशी मोहम्मद मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। इसके चलते ट्रामा सेंटर स्टाफ की ओर से खुशी मोहम्मद के इलाज में लापरवाही बरती गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
वहीं, परिजनों का कहना था कि पूरे मामले की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के लिए बुधवार को शाम पुलिस को तहरीर दी गई थी। साथ ही, वीडियोग्राफी की निगरानी में खुशी मोहम्मद के शव का पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की गई थी।
कार्यवाहक प्रभारी इंस्पेक्टर बलराम सिंह यादव का कहना है कि मृतक के शव के पोस्टमार्टम के बाद लिवर व हॉर्ट को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।