संभल। आलू की फसल चौपट होने से हुई किसान की मौत के मामले में राजनीतिक दल आगे आए हैं। किसान के परिवार को आर्थिक मदद दिए जाने की मांग की गई। राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष चौधरी अजयवीर सिंह ने कहा कि किसान परिवार को तत्काल आर्थिक मदद दी जाए क्योंकि फसल खराब होने के सदमे से महिला किसान की मौत हुई है।
संभल तहसील के गांव सेवड़ा जसरथ नगला निवासी टोड़ी सिंह ने बताया कि गुरुवार की रात हुई बारिश और ओलावृष्टि से उसकी आलू की फसल बर्बाद हो गई। शुक्रवार को दोपहर उनकी पत्नी रज्जो खेत पर चली गई। फसल बर्बाद देखी तो हालत बिगड़ गई और घर आ गई। हालत में सुधार नहीं हुआ तो अमरोहा ले गए। जहां से मेरठ रेफर कर दिया। मेरठ में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पीड़ित ने बताया कि उसके पास मात्र तीन बीघा कृषि भूमि है। उसमें इस बार आलू की फसल लगाई थी। जो बारिश और ओलावृष्टि से नष्ट हो गई। इसी सदमे में उसकी पत्नी की मौत हो गई।
ग्रामीणों ने फसल बर्बाद होने से सदमे में आई महिला की मौत होने की जानकारी प्रशासन को भी दी है। इस बीच उप जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि महिला के नाम कोई जमीन नहीं है। जहां तक फसल के सदमे से मौत होने की बात है।
इसकी हकीकत जानने के लिए लेखपाल को गांव भेजा गया था। इसमें सदमे से मौत की कोई पुष्टि नहीं है। फिर भी प्रशासन की ओर से फसल की क्षति का आकलन कराया जा रहा है। क्षतिपूर्ति नियमानुसार दिलाई जाएगी। वहीं रालोद के जिलाध्यक्ष अजयवीर सिंह ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिए जाने की मांग उठाई। इस बारे में देरी होने पर रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि रालोद इसे मुद्दा बनाएगा।