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अफसरों की टाल-मटोल से 33 घंटे में नहीं हो सका कोरोना संक्रमित का अंतिम संस्कार

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संभल। कोरोना का खौफ इस तरह का है कि कोरोना संक्रमित के शव का अंतिम संस्कार कराने के मामले में जिम्मेदार अधिकारी एक-दूसरे पर टालते हैं। ऐसा ही एक प्रकरण संभल जिले का है। जिले के ईसापुर सुनवारी निवासी कोरोना संक्रमित बुजुर्ग किसान ने मेरठ मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया लेकिन मौत के 33 घंटे बाद तक उसे न अपने वतन की मिट्टी नसीब हुई और न ही मेरठ में अंतिम संस्कार हुआ। उसकी मौत रविवार को दोपहर करीब 12 बजे हुई लेकिन सोमवार को रात 11 बजे तक नहीं हुआ था।
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सोमवार को दोपहर दो बजे उसके भतीजे के पहुंचने का बाद भी मेरठ प्रशासन ने मेरठ में उसका अंतिम संस्कार नहीं कराया। रात में साढ़े दस बजे शव को शव वाहन पर रखवा दिया। किसान के भतीजे का कहना है कि मेरठ का प्रशासन अपने जनपद में इसका अंतिम संस्कार कराने से बचना चाहता है और संभल के एसडीएम का कहना है कि जब तक वह न कहें तब तक शव लेकर संभल मत आना। संभल जिले का कोरोना संक्रमित का अंतिम संस्कार अटक गया।
जिले के ईसापुरसुनवारी निवासी कोरोना संक्रमित बुजुर्ग की रविवार को दोपहर मेरठ मेडिकल कॉलेज में मृत्यु हो गई थी। उनका अंतिम संस्कार कराने के लिए सोमवार को दोपहर दो बजे उनके भतीजे मेरठ पहुंचे।
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जिलाधिकारी मेरठ से लेकर सीएमओ संभल तक उसने कई अधिकारियों को कॉल की। नौ घंटे की भागदौड़ के बाद भी अंतिम संस्कार को लेकर स्थिति स्पष्ट न हो सकी। मेरठ से संभल के अधिकारियों को अपनी परेशानी के साथ यही अवगत कराता रहा कि मेरठ का प्रशासन मेरठ में अंतिम संस्कार में आनाकानी कर रहा है। जबकि संभल जिले के प्रशासन ने मेरठ में अंतिम संस्कार कराने के लिए बुजुर्ग के बेटे से सहमति ली थी और बुजुर्ग के भतीजे को उनके गांव ईसापुर सुनवारी से मेरठ भेजा था। प्रशासन की अनुमति का पत्र लेकर भतीजा मेरठ पहुंचा और अफसरों के पास दौड़ता रहा। रात 10.50 बजे भतीजे ने बताया कि मेरठ का प्रशासन संभल भेजना चाहता है।
मेरठ में हो सकता है अंतिम संस्कार
संभल के जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने बताया कि परिवार की सहमति मेरठ के लिए थी इसलिए मेरठ में अंतिम संस्कार हो सकता था लेकिन पता नहीं क्यों देरी की जा रही है, इस बारे में वह मेरठ के जिलाधिकारी से फोन पर संपर्क कर रहे हैं लेकिन दो घंटे से ज्यादा समय हो गया है अभी बातचीत नहीं हो पाई है। जबकि प्रोटोकॉल यह है कि जिस जिले में कोरोना संक्रमित की मृत्यु होती है अगर परिजन सहमत हैं तो उसी जिले में कोरोना संक्रमित का अंतिम संस्कार कराया जा सकता है। इसीलिए मेरठ प्रशासन से वह संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं।
डीएम मेरठ से नहीं हो सकी बात
संभल अमर उजाला प्रतिनिधि से 11.17 बजे मेरठ के जिलाधिकारी से संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन कॉल रिसीव करने वाले नरेंद्र शर्मा ने कहा कि वह टेलीफोन ड्यूटी पर है और डीएम से इस समय बात नहीं हो पाएगी।
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