संभल। जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी के दो सदस्यों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों के साथ अभद्रता करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह कार्रवाई अधीक्षण पुरातत्वविद विनोद सिंह रावत की तहरीर के आधार पर की गई है। आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी है। अधीक्षण पुरातत्वविद ने एसपी से जामा मस्जिद निरीक्षण के दौरान सुरक्षा भी उपलब्ध कराने के लिए आग्रह किया है। ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो सकें।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण , मेरठ मंडल के अधिकारी द्वारा पत्र लिखकर घटना से अवगत कराया गया था। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
तहरीर में बताया है कि 8 अक्तूबर को जामा मस्जिद के मुख्य गुंबद का निरीक्षण करने के लिए टीम पहुंची थी। इस दौरान टीम को हाफिज नाम के व्यक्ति ने रोक दिया और दूसरे साथी काशिफ खान को भी मौके पर बुला लिया। इन दोनों ने इंतेजामिया कमेटी का सदस्य बताते हुए टीम के साथ अभद्रता की। सरकारी कार्य पूरा न होने के कारण टीम को मेरठ लौटना पड़ा। टीम ने इसकी लिखित जानकारी अपने कार्यालय को दी। बताया कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।
एसपी ने बताया कि तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 352 और 351 (2) के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीम प्रयास कर रही है।