दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित कभी रैली में बीमार होकर वापस हो रही हैं तो कभी कार्यक्रम में पहुंच ही नहीं पा रहीं। इसी तरह प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर के आने का जमकर प्रचार होता है और उनके न पहुंचने पर नेता पब्लिक के गुस्से को लीपापोती करके शांत करते हैं। हालात यहां तक खराब हैं कि गुलाम नबी आजाद भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाते। लोगों का कहना है कि जबकि इनके नाम पर भी डुगडुगी बजाई गई। संभल और चंदौसी में सोमवार को जब यात्रा पहुंची तो पब्लिक नेताओं को अपने बीच न पाकर मायूस दिखाई दी तो सांसद संजय सिंह ने सभी नेताओं की स्थिति स्पष्ट कर पब्लिक को खुश करने का प्रयास किया।
उत्तर प्रदेश के हालात पब्लिक के सामने आने के लिए कांग्रेस ने ‘27 साल यूपी बेहाल’ बस यात्रा शुरू की है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, और प्रदेेश अध्यक्ष तथा फिल्म स्टार राजबब्बर यात्रा में घूम रहे हैं। शीला दीक्षित की हालत ऐसी है कि पिछले दिनों दिल्ली से मुरादाबाद आते समय रास्ते में ही उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनको वापस जाना पड़ा। राजबब्बर और गुलाम नबी आजाद ने पब्लिक को संभाला। इसी तरह लखनऊ में पहुंची यात्रा में भी शीला दीक्षित की तबीयत खराब हो गई थी। लगातार पब्लिक को मायूसी ही हाथ लग रही है।
संभल और चंदौसी में सोमवार को यात्रा पहुंची। यहां स्थानीय नेताओं ने शीला दीक्षित, राजबब्बर और गुलाम नबी आजाद के पहुंचने का जमकर प्रचार किया। कार्यक्रमों में नेता पब्लिक को यही समझाते रहे कि सभी नेता आ रहे हैं। लेकिन जब बस का दरवाजा खुला तो सिर्फ सांसद संजय सिंह ही सामने आए। लोगों की नजरें कुछ देर के लिए थम गईं, लेकिन जब उन्हें पता लगा कि शीला दीक्षित और राजबब्बर नहीं आए तो वे निराश हो गए। संभल के चौधरी सराय में शीला दीक्षित और राजबब्बर को करीब से देखने के लिए लोगों ने तीन घंटे तक इंतजार किया। सांसद संजय सिंह ने बताया कि शीला दीक्षित को अचानक किसी मीटिंग में जाना पड़ा। वहीं कांग्रेस सूत्रों का कहना था कि लगातार दौरों की वजह से वह अस्वस्थ हो गईं थीं। इसलिए नहीं आईं। संजय सिंह ने यह भी बताया कि राजबब्बर का संभल में कोई कार्यक्रम नहीं था।
बस यात्रा लेट होने पर बिफरीं जिलाध्यक्ष
संभल। कांग्रेस की जिलाध्यक्ष विमलेश कुमारी कुरकावली में उस वक्त बिफर पड़ीं जब कांग्रेस की रथयात्रा लेट होने लगी। उन्होंने चंदौसी में जनसभा बुलाई थी जिसमें लोग सुबह 11 बजे से ही शीला दीक्षित तथा अन्य दिग्गजों का जनता इंतजार कर रही थी। लेकिन जगह-जगह स्वागत होने की वजह से संजय सिंह के नेतृत्व में चल रही यात्रा भी लेट हो गई। इस पर जिलाध्यक्ष ने गुस्सा व्यक्त किया।
मिशन 2017 पर पड़ सकता है असर
मुरादाबाद। कांग्रेस की ‘27 साल यूपी बेहाल’ बस यात्रा में दिग्गज नेताओं के न पहुंचने पर भले ही स्थानीय नेता पब्लिक को समझाकर शांत कर रहे हों लेकिन उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव की तैयारियों पर इसका असर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में मिशन 2017 फतह करना आसान नहीं होगा। स्थानीय नेता भी इस पर लगातार मंथन कर रहे हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि वर्तमान में यूपी में कांग्रेस के पास जनाधार की बहुत कमी है।
कांग्रेस की सरकार बनी तो दस दिन में माफ होंगे किसानों के कर्ज ः डॉ. संजय सिंह
कांग्रेस की 27 साल-यूपी बेहाल यात्रा सोमवार को शाम करीब छह बजे चंदौसी पहुंची। यहां आयोजित जनसभा में यूपी कांग्रेस के चुनाव समिति के चेयरमैन सांसद डा. संजय सिंह ने सपा, बसपा और भाजपा पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने सूबे में कांग्रेस की सरकार बनने के दस दिन में किसानों के कर्ज माफ करने का वादा किया। इससे पहले उनका कुरकावली और संभल में स्वागत किया गया।
सांसद और यूपी चुनाव समिति के चेयरमैन डा.संजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस की यूपी में पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। जनता ने कई बार चमत्कार किए हैं। इस बार भी चमत्कार होगा और शीला दीक्षित यूपी के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगी।
कहा, यूपी में कांग्रेस की सरकार बनने के 10 दिन बाद प्रदेश के किसानों का ऋण माफ कर दिया जाएगा। कांग्रेस जाति धर्म से ऊपर उठकर सभी को समान रूप से अवसर देती है। प्रदेश की जनता सपा, बसपा और भाजपा की मुद्देहीन राजनीति को भांप चुकी है। कांग्रेस के बिना पिछले 27 वर्षों में प्रदेश बदहाल है। इस दौरान विनोद शर्मा, रामप्रसाद शर्मा, मयंक जैन, राजेश्वरी त्यागी, इतरत हुसैन बाबर, तौकीर अहमद, अरविंद शर्मा, यूनुस अंसारी, सलीम अहमद, भूरे प्रधान, बाबूराम सैनी, सचिन, सुधीर डेक्रो, अरुण कुमार, राजेंद्र कुमार शर्मा, सुनील शर्मा, रामपाल राणा, अशोक कुमार मौजूद रहे।अध्यक्षता केशव देव वार्ष्णेय ने की।
संचालन जिलाध्यक्ष विमलेश कुमारी ने किया। उधर, संभल और कुकराली में आयोजित स्वागत सभाओं में सांसद डॉ. संजय सिंह ने सपा को एक परिवार की पार्टी बताया। जबकि, भाजपा को जाति-धर्म के नाम पर बांटने वाली और बसपा को अपने हाथी की देखभाल में व्यस्त रहने वाली पार्टी बताया।