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Sambhal News: शिक्षा का नया सत्र शुरू...पढ़ाई हो रही पुरानी किताबों से

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चंदौसी। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को लगभग 17 दिन बीत चुके हैं, लेकिन जनपद के परिषदीय विद्यालयों में अब तक सभी कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकें पूर्ण रूप से नहीं पहुंच सकी हैं। स्थिति यह है कि कक्षा एक से आठ तक के छात्रों की करीब 50 प्रतिशत किताबें ही स्कूलों में पहुंच की हैं। बाकी स्थानों पर पुरानी किताबों से ही काम चलाया जा रहा है।
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सबसे अधिक परेशानी ब्लॉक बनियाखेड़ा के विद्यालयों में देखने को मिल रही है, जहां अब तक एक भी स्कूल में नई किताबों की आपूर्ति नहीं हो सकी है। ऐसे हालात में शिक्षक और छात्र दोनों ही मजबूरी में पुरानी किताबों के सहारे पढ़ाई जारी रखे हुए हैं। इससे न केवल बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है, बल्कि नए सत्र की शुरुआत का उत्साह भी फीका पड़ता नजर आ रहा है।
जिले में 1,289 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं, जिनमें करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को निशुल्क शिक्षा के साथ किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं।
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नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत से ही पढ़ाई सुचारु रूप से संचालित रहे, इसके लिए शासन स्तर पर जनवरी माह से ही किताबों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, ताकि बच्चों की पढ़ाई शुरुआत से ही व्यवस्थित ढंग से हो सके। नया सत्र एक अप्रैल से शुरू हो चुका है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिले में करीब 16 लाख किताबें पहुंच चुकी हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी किताबों का वितरण शुरू किया गया, लेकिन अभी तक सभी विद्यालयों में पूरी आपूर्ति नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि करीब आधे विद्यालयों तक ही किताबें पहुंच पाई हैं और वहां भी सभी विषयों की पूर्ण पुस्तकों की उपलब्धता नहीं है। ऐसे में शिक्षक निर्धारित समय के अनुसार पाठ्यक्रम पूरा नहीं करा पा रहे हैं।
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में समस्या अधिक गंभीर है। कई स्थानों पर बच्चे एक ही किताब साझा कर पढ़ने को मजबूर हैं या पुरानी पुस्तकों का सहारा ले रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि हर साल किताबों के वितरण में देरी होती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
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जिला समन्वयक अंकित कुमार ने बताया कि किताबें कुछ दिन पहले ही जिले में पहुंच गई हैं और जल्द ही सभी विद्यालयों तक उनका वितरण कर दिया जाएगा।
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