संभल। परिवहन विभाग की ओर से स्कूल वाहनों की चेकिंग की जा रही है। बृहस्पतिवार को 14 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसमें तीन वाहन सीज कर दिए गए हैं। जो वाहन सीज किए गए हैं इनके न परमिट थे और न बीमार। हद तो यह है कि इन वाहनों की फिटनेस तक नहीं मिली। अब सवाल उठता है कि इन मानकविहीन वाहनों में मासूम बच्चों को सफर क्यों कराया जा रहा है। यह स्कूल संचालकों की पूरी तरह लापरवाही है। इसमें जिम्मेदार अधिकारी भी यातायात माह के दौरान ही ध्यान दे पाते हैं। मानकविहीन वाहनाें से बच्चों की जान को खतरा रहता है। बदायूं में हुए हादसे में मानकों का पालन नहीं करना ही मुख्य कारण सामने आया था। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी स्कूल वाहनों के संचालन को लेकर गंभीर नहीं रहते हैं। इसका लाभ स्कूल संचालक उठाते हैं। जिलेभर में ज्यादातर निजी स्कूलों के वाहनों के मानक पूरे नहीं है। यदि मानक पूरे हैं तो बच्चों को मानक के मुताबिक नहीं बैठाया जाता है। एआरटीओ प्रवेश कुमार ने बताया कि यह अभियान जारी रहेगा। 14 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की है। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। मानक विहीन वाहनों का संचालन नहीं करने दिया जाएगा।