आरोप है कि मौत हो जाने के बाद डाक्टर ने नवजात को किसी दूसरे अस्पताल में दिखाने की सलाह दी। दूसरे अस्पताल में डाक्टर ने देखते ही नवजात को मृत घोषित कर दिया। इससे गुस्साए परिजनों ने वापस अस्पताल पहुंचकर आक्रोश व्यक्त किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़ित परिवार को समझाया और कुछ लोगों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया।
नखासा थाना क्षेत्र के रुकनुद्दीनसराय निवासी नौशाद की पत्नी को तीन दिन पहले बच्चा हुआ था। नवजात की हालत ठीक नहीं थी। शनिवार की रात उसे शहर के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। नौशाद ने बताया कि अस्पताल में रुपये पहले जमा करने की बात कहते हुए पहले तो उपचार करने से मना कर दिया गया।
रुपये जमा होने के बाद भी इलाज में लापरवाही हुई। इस कारण रविवार की सुबह नवजात की मौत हो गई। नौशाद का कहना है कि नवजात की मौत हो जाने के बाद डाक्टर ने नवजात को किसी दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। नौशाद नवजात को लेकर जब दूसरे अस्पताल पहुंचा तो वहां नवजात को देखते ही मृत घोषित कर दिया गया।
इसके बाद परिजन नवजात को लेकर वापस उसी अस्पताल पहुंच गए। डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा काटना शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कोई तहरीर नहीं आई है। आपस में समझौता हो गया है।