वक्ताओं ने उन्हीं की तर्ज पर महिलाओं से देश का मान-सम्मान बढ़ाने का आह्वान किया। इस मौके पर इसमें विभिन्न विभागों के अफसरों ने महिला कल्याण से संबंधित योजनाओं को विस्तार से जानकारी दी। वहीं कई योजनाओं के लाभार्थियों ने भी यूपी सरकार को सराहा।
बच्चों और बालिकाओं ने अपने कार्यक्रमों से समां बांधा। नारी सम्मान समारोह के आवेदनों के प्रति भी विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय महिलाओं ने उत्साह दिखाया। कार्यक्रम में महिलाओं का समवेत स्वर गूंजा- थैंक्स अमर उजाला, थैक्यू यूपी सरकार।
चंदौसी के संजीवनी पैलेस में मुख्य विकास अधिकारी प्रेमप्रकाश त्रिपाठी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित नारी सम्मान गोष्ठी का शुभारंभ सबसे पहले बीएमजी डिग्री कालेज की छात्राओं ने रोली कनौजिया के निर्देशन स्वागत गीत से किया। गौरव के निदेशन में एबीसी मांटेसरी स्कूल के नन्हें बच्चों ने गणेश वंदना की। प्रीति शर्मा की देखरेख में कस्तूरबा गांधी स्कूल की बालिकाओं ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर तैयार गीत प्रस्तुत किया।
वूमेन पावर लाइन की स्टेट हेडक्वार्टर कमिश्नर संगीता भार्गव के संचालन में संगोष्ठी शुरू हुई तो परियोजना निदेशक हरेंद्र कुमार सिंह ने डा.राममनोहर लोहिया आवास योजना समेत कई योजनाओं की जानकारी दी। डीआईओएस विनोद कुमार ने लैपटॉप वितरण, कन्या विद्याधन योजना से परिचित कराया। खंड शिक्षा अधिकारी डा,जगदीश सिंह ने मिड-डे मील सहित कई योजनाएं बताईं।
एआरटीओ छवि सिंह चौहान ने महिला सशक्तिकरण को परिभाषित करते हुए कहा कि महिलाएं अब नित नए आयाम स्थापित कर रही हैं। एसडीएम संजय कुमार ने पीवी सिंधु और साक्षी मलिक का उदाहरण देकर कहा कि देश की दो बेटियों ने ही 65 करोड़ पुरुषों का सम्मान बचाया है। सीएमओ डा.उमराव सिंह ने भ्रूण हत्या जघन्य अपराध है। एबुलेंस सेवा की जानकारी देते हुए कहा कि डिलीवरी प्रशिक्षित व कुशल डाक्टर और दाई की देखरेख में कराएं।
जिला विकलांग कल्याण अधिकारी लक्ष्मीकांत तिवारी ने दिव्यांग योजनाएं बताई तो वहीं एएसपी कमलेश दीक्षित ने संगोष्ठी को उसके वास्तविक मकसद तक पहुंचा दिया। महिलाओं के बीच जाकर जागरूकता संबंधी सवाल पूछे। बाद में सीडीओ प्रेमप्रकाश त्रिपाठी ने कई महिला उत्थान व कल्याण की कई योजनाओं पर रोशनी डाली। संचालन करते हुए संगीता भार्गव ने अमर उजाला-यूपी सरकार के नारी सम्मान समारोह की रूप रेखा समझाई। यहां नारी सम्मान के आवेदन भी वितरित किए गए।
सत्तर साल बाद आज मालूम हुआ भ्रूण हत्या किसे कहते हैं
अमर उजाला नारी सम्मान संगोष्ठी में जब एएसपी कमलेश दीक्षित माइक लेकर महिलाओं के बीच चले गए तो दीर्घा में बैठी एक सत्तर साल की महिला से जाकर पूछा कि अम्मा, भ्रूण हत्या क्या होती है, बताएं ? जवाब था कि उन्हें मालूम ही नहीं है। जब एएसपी ने परिभाषित किया तो बोली अरे यह तो बड़ी गलत बात है, ऐसा तो कोई पापी ही कर सकता है।
दिव्यांग साजिदा बी ने बढ़ाया हौसला
क्षेत्र के जनेटा गांव की दोनों हाथों से दिव्यांग साजिदा-बी ने संगोष्ठी के बीच आकर उन युवतियों का हौसला बढ़ाया, जिनमें कुछ कर गुजरने का हौसला है। एक हाथ व दूसरे हाथ का पंजा कट चुका है लेकिन इसके बावजूद वह सिलाई करती और सिखाती हैं, जिससे पूरे परिवार का पालन पोषण होता है।