भगदड़ भरा माहौल बन गया। लोग नमक लेने के लिए दुकानों की ओर दौड़ पड़े। भीड़ बढ़ने से हंगामे का माहौल बन गया। तत्काल पुलिस बाजार में पहुंची। देखते देखते पूरा बाजार बंद होने लगा। जरूरत का सामान खरीदने पहुंचे लोगों को भटककर लौटना पड़ा। देर रात तक आपाधापी और हंगामे भरा माहौल था। नमक की थैली 100 रुपये से अधिक दाम में बिक गई।
उधर, चंदौसी में नमक खत्म होने की अफवाह पर लोग नमक मंडी की ओर दौड़े। दुकानों पर भीड़ लग गई। 18 रुपये में बिकने वाले पैकेट 50 से 200 रुपये तक बिक गए। आलम ये था कि लोग रिक्शा और बाइक पर नमक के कट्टे लेकर जा रहे थे। नमक खरीदने को लेकर मारामारी हो रही थी। ऐसे में तमाम व्यापारियों ने लाखों के वारे न्यारे कर लिए।
उधर, बहजोई नगर में शाम साढ़े छह बजे करीब अचानक अफवाह हुई, कि नमक बंद होने को है, तो लोग आनन-फानन में नजदीक की दुकानों से नमक की थैलियां लेने को पहुंचने लगे।
हद तो तब हो गई, जब लोग परचून की दुकानों से नमक की बोरियों को कंधे पर व वाहनों में रखकर ले जा रहे थे। दुकानदारों से लोगों की नोकझोंक भी हुई। बीस रुपये वाली थैली चालीस रुपये में बिकी। बोरी साढ़े तीन सौ रुपये से लेकर चार सौ रुपये तक बिकी। यहां तक दुकानदारों ने लोगों को नमक देने तक से मना कर दिया। इस बीच नगर भर में नमक बंद होने की अफवाह देर रात तक रही। बहजोई में भी नमक की खरीदारी को लेकर मारामारी रही।