गुन्नौर (संभल)। डीडीए (दिल्ली विकास प्राधिकरण) के रिटायर्ड जेई शकील अहमद की हत्या पुलिस के लिए पहेली बन गई है। हत्याकांड को एक माह बीत चुका है, लेकिन अभी तक पुलिस खाली हाथ है। उनकी 45 वर्ष छोटी दूसरी पत्नी अमन पर हत्या का आरोप लगा था। साक्ष्यों के अभाव में पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। पुलिस ने अब दूसरे एंगल से जांच शुरू की है।
डीडीए (दिल्ली विकास प्राधिकरण) के रिटायर्ड जेई शकील अहमद अपनी दूसरी पत्नी अमन उर्फ रजिया के साथ गुन्नौर के मोहल्ला मासूम अली में रहते थे। 28 अगस्त की रात उनकी चाकु से गोदकर हत्या कर दी गई। उस समय वह घर में अकेले थे। पत्नी अमन कस्बे में मेला देखने गई थी। वापस लौटने पर शकील अहमद का लहूलुहान शव मिला था। पहली पत्नी के बेटे खुर्रम ने सौतेली मां अमन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अमन को हिरासत में ले लिया। साथ ही घटना की जांच शुरू कर दी। कई दिनाें तक महिला पुलिस की हिरासत में रही, लेकिन उसके खिलाफ कोई ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला। जिससे यह साबित हो कि उसने हत्या की है या किसी से मिलकर कराई है। कॉल डिटेल और सीसीटीवी कैमरे से भी कोई मदद नहीं मिल पाई है। पुलिस ने शकील अहमद के घर आने वाले तमाम नजदीकियों से पूछताछ की, लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी हत्या एक पहेली बनकर रह गई है। हर तरह से छानबीन करने के बाद भी पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। प्रभारी निरीक्षक विनीत कुमार ने बताया कि अमन के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला है। अब दूसरे बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
डीडीए (दिल्ली विकास प्राधिकरण) के सेवानिवृत्त जूनियर इंजीनियर शकील अहमद (75) की बुधवार की रात चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वह दूसरी पत्नी के साथ यहां मोहल्ला मासूम अली में पैतृक आवास में रहते थे। घटना के समय दूसरी पत्नी कस्बे में ही मेला देखने गई थीं। पहली पत्नी के बेटे खुर्रम की तहरीर पर केस दर्ज करते हुए पुलिस ने पहली पत्नी को हिरासत में ले लिया है।