कोतवाली की पुलिस ने रविवार को देर रात्रि प्लाटून कमांडर फूल सिंह राणा की मौत के मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। खुलासे के लिए पुलिस और पीएसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया है। एसपी ने कोतवाली पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच को जिम्मेदारी सौंपी है।
पुलिस अधीक्षक का कहना है कि जब कड़ी से कड़ी जुड़ेगी तो घटना का राज खुलेगा। पुलिस अधीक्षक अतुल सक्सेना ने मौके के हालात और प्लाटून कमांडर के सिर पर लगी चोटों के आधार पर माना है कि यह मौत स्वाभाविक नहीं है। गिरने भर से इतनी चोटें नहीं लग सकतीं, जितनी चोटें चिकित्सकीय परीक्षण में सामने आई हैं।
यह रिपोर्ट मेडिकल करने वाले संभल जिला अस्पताल के सीएमएस डा. कप्तान सिंह ने भी दी है। डा. कप्तान सिंह ने पुलिस अधिकारियों को बताया है कि पीएसी के प्लाटून कमांडर फूल सिंह राणा के सिर पर गंभीर चोटें थीं। उन्हें जिला अस्पताल में 29 नवंबर को सुबह 8.50 बजे के करीब लाया गया।
उनकी हालत देख कर लग रहा था कि उन्हें जो चोटें आई हैं वह किसी मोथरे हथियार की हैं। चोट से हुए घावों में खून सूख चुका था। बाल खून से सने थे लेकिन खून सूख जाने से चिपक रहे थे। ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें जो चोटें आई हैं वह पांच छह घंटे पुरानी हैं।
इस घटना के बारे में पुलिस अधीक्षक का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि रात्रि में 11.00 से 1.00 बजे के बीच घटना हुई है। उन्होंने कहा कि पीएसी के जवानों से पूछताछ की जाएगी। संबंधित साक्ष्य जुटाए जाएंगे ताकि पूरे केस की हकीकत सामने आए।
रात्रि 10.00 बजे अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित ने बताया कि घटना के संबंध में कोतवाली संभल में 8वीं वाहिनी पीएसी के जवान शराफत अली ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। डीआईजी ओंकार सिंह और पीएसी की कमांडेंट पूनम श्रीवास्तव ने मौके का दौरा किया है। पीएसी के जवानों से पूछताछ की है।