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युवती की संदिग्ध हालात में मौत, दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज

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ज्योति का फाइल फोटो। - फोटो : CHANDAUSI
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चंदौसी। बदायूं जिले के बजीरगंज थाना क्षेत्र में दो साल पहले शुरू एक लव स्टोरी का चंदौसी में दर्दनाक अंत हो गया। बजीरगंज क्षेत्र से डेढ़ साल पहले भागे तो चंदौसी में किराये के मकान में रहने लगे। लेकिन इश्क का बुखार उतरा तो युवती को अपनी गलती का एहसास हुआ लेकिन परिजनों ने उससे रिश्ता तोड़ दिया था। इसलिए पति के पास ही रहती रही, लेकिन दोनों के बीच तकरार बढ़ती रही। मंगलवार की सुबह करीब पांच बजे महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने दहेज के लिए उसकी गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। पति अभी फरार है।
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मामला बदायूं के थाना बजीरगंज का है, जब एक युवती रोजाना यहां की दूध डेयरी पर दूध लेते जाती थी। वहीं दूध प्लांट पर बुलंदशहर जिले के थाना स्याना के गांव वासुदेवपुर निवासी युवक धर्मेंद्र काम किया करता था।
बताते हैं कि युवती व धर्मेंद्र के बीच प्रेम हो गया। लेकिन युवती के परिजन इसके खिलाफ थे। बताते हैं कि सालभर पहले दोनों ही बजीरगंज से भाग निकले। चंदौसी के जाट कालोनी में एक मकान किराये पर लेकर रहने लगे। यहां दोनों के एक माह पहले एक बेटी हुई। लेकिन दोनों पति पत्नी के बीच अक्सर तकरार होने लगी। युवती के भागने की रिपोर्ट तो लिखाई लेकिन बाद में युवती के परिजनों ने दोनों से रिश्ता तोड़ लिया और कार्रवाई से भी हाथ खींच लिए। युवती व उसके पति के बीच लगातार तकरार बढ़ती गई। मंगलवार की सुबह धर्मेंद्र ने ही मकान मालकिन सिया देवी को बताया कि उसकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली है। मकान मालकिन ने युवती के परिजनों को बताया तो उसकी मां, भाई आदि पहुंचे लेकिन युवती फंदे पर कहीं लटकी नहीं थी, जमीन में लेटी थी, उसके गले पर उसका ही चुनरी का फंदा कसा हुआ था। प्रथमदृष्ट्या देखने से ही लगा कि उसकी हत्या चुनरी से गला दबा कर की गई है। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। युवती के भाई की तहरीर पर धर्मेंद्र के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज करके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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परिजनों ने युवती के शव को लेने से किया इनकार
चंदौसी। युवती ने परिजनों की मर्जी के खिलाफ भागकर धर्मेंद्र से शादी की थी, जिससे परिजन काफी खफा थे। नाराजगी का आलम यह दिखा कि मां-भाई के अलावा कोई अन्य परिजन उसे देखने तक नहीं पहुंचा। जब पोस्टमार्टम के बाद उसके शव को सुपुर्दगी में लेने की बात आई तो परिजनों ने हाथ खड़े कर दिए। पुलिस के सामने भी समस्या उत्पन्न हो गई। पति पहले से फरार है, परिजन भी शव लेने से मना कर रहे हैं तो उसका अंतिम संस्कार कैसे होगा ? कोतवाली प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस के काफी समझाने बुझाने के बाद परिजन मृतका के शव को लेने के लिए राजी हो गए हैं।
एक माह के बेटी की परवरिश पर उठे सवाल
चंदौसी। युवती और धर्मेंद्र के घर महीनेभर पहले ही नन्हीं मेहमान लक्ष्मी ने जन्म लिया था। युवती की मौत के बाद जब लक्ष्मी को उसकी नानी की गोद में दिया गया तो उन्होंने उसे साथ ले जाने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि इसे देखकर उनके परिजनों को हमेशा घर की इज्जत नीलाम करने वाली बेटी की याद आएगी ?
लक्ष्मी की मां की मौत हो चुकी है, पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है, अभी तो वह फरार है लेकिन उसे जेल भी जाना होगा। इसलिए महीनेभर की नन्हीं बच्ची की देखभाल कौन करेगा ? फिलहाल तो बच्ची मकान मालकिन के पास है।
मकान मालकिन के घर भी हुई थी बहू की हत्या
चंदौसी। धर्मेंद्र अपने पत्नी को लेकर चंदौसी की जाट कालोनी में जिस घर में किराये पर रहता है, उस घर की भी कुछ यही कहानी है। करीब सात आठ साल पहले इस घर में भी एक बहू की हत्या कर दी गई थी। जिसमें मकान मालकिन व उसका बेटा दोनों गिरफ्तार हो चुके हैं। मकान मालकिन तो रिहा हो गई लेकिन उसके बेटे को सजा हो चुकी है।
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