चंदौसी। नगर पालिका और प्रशासन की टीम ने पांचवें दिन मंगलवार को भी नगर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। टीम ने बदायूं चुंगी पर अवैध रूप से बनी सात दुकानों को ध्वस्त कराया। साथ ही 50 से ज्यादा मकानों को ध्वस्त करने के लिए चिह्नित किया गया है।
मंगलवार को ईओ का प्रभार संभाले डिप्टी कलक्टर विनय मिश्र की अगुवाई में नगर पालिका और प्रशासन की टीम जेसीबी लेकर बदायूं चुंगी पहुंची और अतिक्रमण हटाना शुरू किया। टीम ने सोमवार को चिह्नित की गईं सात दुकानों को जेसीबी से ध्वस्त कराया। कार्रवाई को देखते हुए अन्य दुकानदारों ने खुद ही अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने अतिक्रमण की जद में आईं अपनी दुकानें खुद ही तोड़ दीं। इसके बाद टीम ने बदायूं चुंगी से कुछ आगे नाले पर अतिक्रमण कर बनाए गए 50 से ज्यादा मकानों को चिह्नित किया। साथ ही स्वामियों को मकान खाली करने के निर्देश दिए हैं। टीम की सख्ती का आलम यह रहा कि रेलवे क्रॉसिंग के पास कब्रिस्तान की दीवार तोड़ दी गई। पावर हाउस व क्रॉसिंग के पास एक मंदिर की दीवार भी ध्वस्त की गई।
उठा सवाल, इन हालात के जिम्मेदार अफसरों पर कब होगी कार्रवाई
चंदौसी। अतिक्रमण हटाओ अभियान से सड़कों की चौड़ाई भविष्य में लाभ देगी लेकिन इस वक्त लोगों को बेरोजगार और बेघर होता देख अभियान पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं। लोगों का सवाल है कि अगर यह भवन अवैध थे तो इन्हें बिजली, पानी के कनेक्शन कैसे दिए गए। इनसे राजस्व क्यों वसूला जाता है।
अभियान के दौरान प्रभावित परिवार रोते बिलखते दिखाई दिए लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। आशियाना या रोजगार छिनता देख लोगों ने कहा कि पिछले पांच दशक से ज्यादा समय से यहां रहते चले आ रहे हैं। उनके पास बैनामों के कागज भी हैं और नगर पालिका गृहकर व जलकर वसूल करती है। सभी मकानों में विद्युत कनेक्शन भी हैं। लेकिन उनकी सुनी नहीं जा रही।
बदायूं चुंगी और पावर हाउस के बीच बनी कालोनी में रह रहे सोमपाल, कल्लू सिंह, सोनू, देवेंद्र, यशपाल सिंह, राकेश, वीनू, सुनील बाबू, राजेश कुमार, सुभाष समेत करीब पचास से अधिक परिवार रहते हैं। इन लोगों का कहना है कि वह कई दशक से यहां परिवार के साथ रहते हैं। पालिका को गृह कर, जल कर देते हैं। बिजली बिल भी जमा करते हैं। उनके मकानों के गिरने के बाद उन पर कोई आसरा नहीं बचेगा। रामवती ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। बेटी की शादी दो माह बाद है। जिससे काॅलोनी में ही बनी धर्मशाला बुक की थी। जो अब उनके मकानों के साथ भी ध्वस्त कर दी जाएगी।
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बोले लोग दुकानों व मकानों को तोड़ने से पहले कब्जेदारों को नियमानुसार नोटिस दिए जाने चाहिए। जिन दुकानों व मकानों से नगर पालिका टैक्स व किराया वसूल कर रही है। उनको किस आधार पर अतिक्रमण मानकर तोड़ा जा रहा है। नगर पालिका द्वारा ही दुकानों का निर्माण कराया गया। उसके बाद दुकानें नियमानुसार एलॉट की गईं। तो क्या उन जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। -महेश यादव, अधिवक्ता
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पूर्व में जिन अधिकारियों ने गलत तरीके से मकान व दुकान बनने दिए हैं। उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर पूर्व के अधिकारी ऐसा नहीं होने देते तो आज लोगों को परेशानी नहीं हो रही होती। लोग बेघर नहीं होते और दुकानें टूटने से उन पर परिवार के भरण पोषण का संकट नहीं गहराता। इस ओर भी प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। -प्रेम ग्रोवर, जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
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अतिक्रमण सरकार हटवा रही है। अगर किसी को असंवैधानिक तरीके से प्रताड़ित किया जा रहा है। वह गलत है। जिन अफसरों ने उस समय मकान व दुकान बनाने की परमीशन दी है। उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। ताकि भविष्य में कोई भी व्यापारी व जनमानस प्रताड़ित न हो। -उमेश वार्ष्णेय, व्यापारी
डिप्टी कलेक्टर को किया सम्मानित
जीनियस गर्ल्स स्कूल के चेयरमेन पवन कुमार गुप्ता के नेतृत्व में डिप्टी कलक्टर को सम्मानित किया। साथ ही गरीब और छोटे दुकानदारों को दुकान बनाकर देने या रोजगार को स्थान मुहैया कराने के वायदे को सराहा। अतिक्रमण में हटाए गए ठेले, खोमचे, रेहडी, पटरी एवं खोखे वाले छोटे व्यापारियों को पुनर्वास करने की एक योजना नगर पालिका परिषद को शीघ्र जारी करसे की मांग की। इस अवसर पर कौशल किशोर, पवन गुप्ता, सागर गुप्ता, अमिल गुप्ता, सौरभ अग्रवाल, सुनील मिश्रा, सुरेश गुप्ता, सुशील वार्ष्णेय, मुनीश, श्याम सुन्दर आदि थे।