सरायतरीन (संभल)। गांव मुजफ्फरपुर स्थित एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर सिर्फ कागजों में ही चल रहा है। कूड़ा इसके बाहर डाला जा रहा है। सड़कों पर जहां-तहां गंदगी के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं। गंदगी से उठने वाली दुर्गंध से लोग परेशान हैं।
संभल-बहजोई मार्ग के किनारे बसी ग्राम पंचायत मुजफ्फरपुर ओडीएफ प्लस योजना में शामिल शामिल है। इसमें 31.65 लाख रुपये खर्च करके एमआरएफ सेंटर बनवाया गया, लेकिन अब इसके मुख्य गेट पर ताले लगे रहते हैं। ग्रामीण अपने घर के कूड़े को एकत्रित करके गांव के नजदीक में स्थित संभल-बहजोई मार्ग के किनारे ढेर लगा रहे हैं, जिससे आने जाने वाले वाहन चालकों को बदबू आ रही है। इससे वे परेशान हैं। यह स्थिति एक दो ग्राम पंचायत की नहीं है, बल्कि कमोवेश हरके ग्राम पंचायतों की है।
कोट
गांव के मुख्य मार्ग पर लगे कूड़े के ढेर को हटाने के लिए पवांसा एडीओ पंचायत को निर्देशित कर दिया गया है। बंद पड़े एमआरएफ सेंटर को भी शुरू कराया जाएगा। अधूरे पड़े कार्य को भी जल्दी ही पूरा कराया जाएगा। -गोरखनाथ भट्ट, सीडीओ, संभल