संभल। बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। सिसौटा और सद्दूसराय और हिंडालपुर में 100 से अधिक बुखार पीड़ित मिले। दोनों गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शुक्रवार को शिविर लगाए। कुल 356 मरीज देखे गए। इसमें सौ से अधिक बुखार पीड़ित थेे। इसमें 12 को तेज बुखार था। इनके रक्त की स्लाइडें बनवाई गई हैं।
सिसौटा गांव में क्षेत्र पंचायत सदस्य नाजमा की गुरुवार को बुखार के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद चेते स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को शिशिर लगाया। शिविर में डॉ. नीरज शर्मा ने 173 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर नि:शुल्क दवा उपलव्ध करवाई। मलेरिया आशंकित दस लोगों के रक्त की स्लाइड बनाई गई। क्षेत्रवासियों को पानी उबाल कर पानी पीने व प्रदूषित भोजन न लेेने की सलाह दी गई है। मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करने की सलाह भी दी गई है। टीम में डॉ. नीरज शर्मा, चारु गुप्ता, वीरेंद्र प्रताप, धर्मेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे। चमरौआ में 84 मरीजों का परीक्षण किया गया। चमरौआ में डा. बुशरा ने सद्दूसराय में 81 मरीज देखे। दो स्लाइड बनवाईं। हिंडालपुर में डा. इंदु ने 102 मरीज देखे। कुल 356 मरीज देखे गए। बाहर लोगों को देख बुखार था। बाकी मरीज वायरल और छोटी-मोटी बीमारियों से पीड़ित हैं। इस बीच शाहपुर चमारान और ततारपुर मजरा बटौआ में भी बुखार के प्रकोप की खबर है। इन गांवों में शिविर लगाए जाने की मांग की गई है।
उठा सवाल, स्वास्थ्य विभाग सबक क्यों नहीं ले रहा
संभल। क्षेत्रीय सपा नेता सुहेल इकबाल ने कहा कि एक महीने में बुखार से जनपद में 30 से अधिक मौतें हो चुकी हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग सिर्फ उसी गांव में शिविर लगा रहा है, जहां के बारे में ग्रामीण और क्षेत्रीय नेता विभाग को फोन कर रहे हैं, जबकि होना यह चाहिए कि स्वास्थ्य विभाग गांवों में तैनात अपने कर्मचारियों से सूचनाएं लें और बीमारी की शुरूआत में ही बचाव कराए ताकि संक्रामक बीमारियों का प्रकोप थम सके।