ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण करते चिकित्सक।
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तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन गांव में जानलेवा बुखार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बुखार से एक महीने में 20 लोगों की जान गई। जानलेवा बुखार से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को पांच गावों में शिविर लगाए। टीमों ने 800 मरीज देखे। अधिकतर बुखार पीड़ित थे। इसमें 36 को मलेरिया होने का अंदेशा था उनके रक्त का नमूना लिया गया है, ताकि जांच हो सके।
तहसील क्षेत्र के बारीपुर भमरौआ, पौटा, बराही, मंगनपुर, मोहम्मदपुर मालिनी, फिरोजपुर, रुस्तमपुर न्यावली, मुकर्रबपुर में बुखार का प्रकोप है। इसमें तीन दिन के भीतर मंगनपुर में दो मौतें और फिरोजपुर में एक मौत हुई है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की टीम का मंगनपुर में खास ध्यान रहा। टीम पहुंची।
मंगनपुर में 332 मरीज देखे। मंगनपुर में जो लोग तेज बुखार से पीड़ित हैं। उन 30 मरीजों के खून के नमूने लिए गए हैं। परीक्षण रिपोर्ट सोमवार को आएगी। सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. जुहेब करीम ने बताया कि शनिवार को तहसील क्षेत्र के रूस्तमपुर नियावली में 282 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
इसके अलावा मोहम्मदपुर मालनी 267 , मंगनपुर में 317 मरीजे देखे यहां 32 मरीज तेज बुखार से पीड़ित मिले तो उनके खून के नमूने लिए गए हैं। गांव भंडा में 136 मरीज देखे चार लोगों के खून के नमूने लिए। वहीं हजरत नगर गढ़ी में 136 मरीजों को दवाई वितरण की दो लोगों के खून के नमूने लिए हैं।